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नटवरलाल: चाय-समोसे बेचने वाला दिल्ली में इंस्पेक्टर बनकर झाड़ रहा था रौब, पीसीआर कर्मियों ने दबोचा

Tue, 17 Aug 2021 12:49 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पकड़े गए आरोपी की पहचान गांव सुदानीपुर-खुर्द, छिबय्या, झुंसी प्रयागराज, यूपी निवासी जय सिंह यादव (49) के रूप में हुई है। आरोपी पिछले करीब सात माह से नरेला इलाके में किराए के मकान में रहता है। वह लोगों पर रौब झड़ने के लिए खुद को यूपी पुलिस का इंस्पेक्टर बताता था।
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delhi police - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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दिल्ली के भलस्वा डेरी में चाय-समोसे बेचने वाला एक शख्स यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर की वर्दी पहनकर रौब झाड़ रहा था। पीसीआर कर्मियों ने उसे रोककर बातचीत की तो जवानों को उस पर शक हो गया। आरोपी ने वर्दी पर लगे सितारे और नेमप्लेट गलत लगाई हुई थी। पूछताछ में आरोपी की हकीकत पता चली तो उसे थाने लाया गया। आरोपी के पास से एक हिन्दी दैनिक का आईकार्ड, वीआईपी लिखा आईकार्ड और यूपी पुलिस की एक वर्दी बरामद हुई है। 

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पकड़े गए आरोपी की पहचान गांव सुदानीपुर-खुर्द, छिबय्या, झुंसी प्रयागराज, यूपी निवासी जय सिंह यादव (49) के रूप में हुई है। आरोपी पिछले करीब सात माह से नरेला इलाके में किराए के मकान में रहता है। वह लोगों पर रौब झड़ने के लिए खुद को यूपी पुलिस का इंस्पेक्टर बताता था। पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है। दिल्ली पुलिस, यूपी पुलिस से संपर्क कर मामले की छानबीन कर रही है।

बाहरी-उत्तरी जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि जिले में पीसीआर पर तैनात एएसआई प्रमोद कुमार 15 अगस्त को अपने साथी चालक प्रवेश के साथ राउंड पर थे। दोनों पीसीआर वैन से गुरुद्वारा गुरुनानक देव कॉलोनी से भलस्वा की ओर जा रहे थे। इस बीच लिबासपुर अंडरपास के पास दोनों ने एक यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर को खड़े देखा। वह फोन पर किसी से बात कर रहा था। कुछ देर बाद दोनों वापस आए तो यूपी पुलिस का इंस्पेक्टर वहीं खड़ा था। दोनों ने उसके पास पीसीआर रोकी और उससे बातचीत करने लगे। आरोपी खुद को यूपी पुलिस का इंस्पेक्टर बताने लगा। वह सरकारी काम से नरेला जा रहा है। प्रमोद ने आरोपी की वर्दी देखी तो उसके एक कंधे पर वर्दी का स्टार उल्टा लगा था। इसके अलावा नेमप्लेट भी गलत थी। शक होने पर पीसीआर के जवानों ने आरोपी से आईकार्ड दिखाने के लिए कहा तो वह आना-कानी करने लगा और इधर-उधर की बात बनाने लगा।
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दबाव बनाने पर आरोपी ने एक आईकार्ड निकाला, उस पर एक एक हिन्दी दैनिक का नाम लिखा हुआ था। आईकार्ड पर भी धुंधली छपाई थी। शक होने पर प्रमोद ने पीसीआर कॉल कर आरोपी को गाड़ी में बिठा लिया। इसके बाद वह उसे लेकर भलस्वा थाने पहुंचा। आरोपी के पास से वीआईपी लिखा एक और कार्ड बरामद हुआ। पूछताछ करने पर आरोपी ने बताया कि वह प्रयागराज बस स्टैंड पर समोसे और चाय की रेहड़ी लगाता है। किसी वजह से वह पिछले करीब सात माह से नरेला में किराए पर रह रहा है। लोगों पर रौब झाड़ने के लिए वह यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर की वर्दी में रहता था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

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