सार्वजनिक परिवहन के लिए अगला साल उम्मीदों भरा रहेगा। पहली बार डीटीसी अपने बेड़े में ई-बसों को शामिल करेगा। फेसलेस योजना का दायरा बढ़ने से लोगों को घर बैठे परिवहन विभाग की सभी सेवाएं मिलेंगी। 2022 में डीजल, पेट्रोल और सीएनजी वाहनों के धीरे धीरे इलेक्ट्रिक वाहन की तरफ शिफ्ट होने लगेगा। दिल्ली मेट्रो भी अपने कदम आगे बढ़ा रही है। द्वारका में विकसित हो रहा कन्वेंशन सेंटर इसी साल सीधे एयरपोर्ट से जुड़ जाएगा। फेज-4 के बचे तीन कॉरिडोर को मंजूरी मिलेगी। जबकि फेज-4 के जिन तीन कॉरिडोर पर काम चल रहा है, उनका भी ज्यादातर काम अगले साल के आखिर तक पूरा होगा। मेट्रो यात्रियों को नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) की सुविधा मिलेगी। परिवहन व्यवस्था में होने वाले बदलाव और नई पहल पर सर्वेश कुमार की रिपोर्ट-
2021 की उपलब्धियां
- लर्निंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट , ट्रांसफर सहित परिवहन विभाग की अधिकतर सेवाएं फेसलेस। विभागीय काम में दिक्कत नहीं आए, इसके लिए जिला परिवहन कार्यालय बनाए गए।
- ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (एडीटीटी) पर टेस्ट की शुरुआत हुई है। इससे उनका ही लाइसेंस बनना संभव है, जिन्हें नियमों की जानकारी के साथ सड़क पर ड्राइविंग का अच्छा अनुभव है।
- नई ईवी पॉलिसी लागू होने से इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। नीति को लागू करने से पेट्रोल, डीजल वाहनों से इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए स्विच करने वालों की संख्या में भी धीरे धीरे बढ़ोतरी हो रही है।
- ई-ऑटो के प्रोत्साहन के लिए ई ऑटो मेला का आयोजन किया गया। इनमें 33 फीसदी परमिट महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया है।
2022 से उम्मीद
- एक जनवरी से 10 साल पुराने डीजल वाहनों को डी-रजिस्टर किया जाएगा। 2.64 लाख से अधिक वाहन होंगे डी रजिस्टर। वाहनों के लिए रेट्रो फिटमेंट और दूसरे राज्यों में पंजीकरण का भी विकल्प दिया जा रहा है।
- नए साल में 300 इलेक्ट्रिक बसें डीटीसी के बेड़े में की शामिल होंगी। इसका प्रोटोटाइप दिल्ली में पहुंचने वाला है। इसके बाद चरणों में ई बसें भी सड़कों पर उतारी जाएंगी।
- डीटीसी के बेड़े में 900 सीएनजी बसें जुड़ेंगी। क्लस्टर स्कीम में 396 बसें बसें आएंगी।
- रेट्रो फिटमेंट के लिए कंपनियों से इलेक्ट्रिक किट लगवाने की मिलेगी सुविधा। इससे 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को स्क्रैप होने के बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित किया जा सकेगा।
- नई ईवी पॉलिसी के तहत हर तीन किमी के दायरे में एक चार्जिंग प्वाइंट लगेगा। मॉल्स, अस्प्ताल, सोसाइटियों में भी प्वाइंट लगेंगे। प्वाइंट लगाने के लिए सिंगल विंडो पर महज 2500 रुपये में घर, दुकान या दूसरी जगहों पर भी सुविधा ली जा सकती है।
दिल्ली बनेगी ई-वाहनों की राजधानी
ई-वाहन पॉलिसी वायु प्रदूषण से बचाने का बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इसको भावना के अनुरूप लागू करने में दिलचस्पी भी ले रहे हैं। केजरीवाल की कोशिश 2024 तक दिल्ली में रजिस्टर्ड होने वाले कुल वाहनों का 25 फीसदी ई-वाहन पर शिफ्ट करने ही है। पुराने डीजल व पेट्रोल वाहनों को भी ई-वाहन में तब्दील कराने की योजना भी नए साल के पहले महीने से शुरू होने की उम्मीद है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन सब कोशिशों से दिल्ली को ई-वाहनों की वैश्विक राजधानी बनाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री केजरीवाल की परिकल्पना पर दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को वैश्विक स्तर का बनाया जा रहा है। ई-वाहन पॉलिसी इस दिशा में बड़ा कदम है। नए साल पर ई-बसों को बेड़ा दिल्ली की सड़कों पर चलने लगेगा। वहीं, सीएनजी बसें भी बढ़ेंगी।
-कैलाश गहलोत, परिवहन मंत्री दिल्ली
नए साल में फेज-4 परियोजनाओं पर काम में और तेजी आएगी। एनसीएमसी की सुविधा यात्रियों को मिलेगी। एयरपोर्ट से कन्वेंशन सेंटर के लिए मार्च, 2022 में मेट्रो का विस्तार किया जाएगा। फेज-4 के तीन शेष कॉरिडोर पर भी नए साल में मंजूरी मिलने के बाद इस पर भी काम शुरू हो जाएगा।
-अनुज दयाल, कार्यकारी निदेशक (कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन), डीएमआरसी)