19 संस्थानों में सात विषयों पर पढ़ाई
वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, पहले वर्ष विभिन्न राज्यों में इंजीनियरिंग कॉलेेजों में 19 संस्थानों में बीटेक प्रोग्राम में सात विषयों की इन भारतीय भाषाओं में पढ़ाई चल रही है। इसमें 255 से अधिक छात्रों ने बीटेक की पढ़ाई इन भारतीय भाषाओं में करने के लिए दाखिला लिया हुआ है। इसके अलावा आईटीआई में भी इंजीनियरिंग प्रोग्राम के डिप्लोमा इन भारतीय भाषाओं में करवाने की योजना तैयार है।
इसके तहत प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए शुरुआत नौ भारतीय भाषाओं में डिप्लोमा स्तर पर 12 पुस्तकें और स्नातक स्तर पर 10 पुस्तकें तैयार की गई हैं। इन नौ भारतीय भाषाओं के अलावा एआईसीटीई ने तीन और भारतीय भाषाओं जैसे असमी, उर्दू और मलयालम में अनुवाद का काम शुरू किया है। कुल 291 लेखकों, अनुवादकों, सत्यापनकर्ताओं और भाषा विशेषज्ञों ने पिछले एक वर्ष की अवधि में प्रथम वर्ष की पुस्तकों से संबंधित कार्य को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं।
500 कॉलेजों को शमिल करने की योजना
एआईसीटीई की योजना शैक्षणिक सत्र 2023-24 तक 500 कॉलेजों में भारतीय भाषाओं में बीटेक की पढ़ाई करवाने की है। इसके लिए बीटेक तीसरे वर्ष की किताबों को 15 भारतीय भाषाओं में अनुवाद का काम चल रहा है। 500 तकनीकी कॉलेजों के माध्यम से लगभग 30 हजार छात्रों को इसमें जोड़ने की तैयारी है। इसके अलावा बीटेक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के सभी कोर्सेज को डिजिटल माध्यम से स्वयं प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराएगा।