प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजीव सक्सेना को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग के मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई है। राजीव सक्सेना 3600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे मामले में भी आरोपी है। उन्होंने कहा कि सक्सेना को हिरासत में लेने के लिए यहां एक अदालत में पेश किया जाएगा।
हेलिकॉप्टर सौदों के मामले में राजीव सक्सेना बिचौलिया था। भारत द्वारा 31 जनवरी 2019 को यूएई से निर्वासित किया गया था और मामले में जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया था। रिश्वत के भुगतान के आरोप सामने आने के बाद 2014 में भारत ने इस सौदे को रद्द कर दिया था।
एजेंसी ने पहले कहा था कि राजीव सक्सेना एक हवाला ऑपरेटर है, जो मैट्रिक्स समूह की कंपनियों के रूप में जानी जाने वाली कई कंपनियों के माध्यम से दुबई में अकोमोडेशन एंट्री बिजेनेस चलाता है। अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाले (भारत द्वारा वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों की खरीद से जुड़ा हुआ) और मोजर बेयर बैंक धोखाधड़ी मामले में अपराध की आय का इस्तेमाल करता है।
ईडी ने आरोप लगाया कि सक्सेना ने दोनों मामलों के आरोपियों द्वारा अगस्ता वेस्टलैंड मामले में रिश्वत या मोजर बेयर इंडिया लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियों को दिए गए ऋणों का दुरुपयोग किया। बैंकों को धोखा देने के लिए अपराध की आय को वैध बनाने के लिए संरचनाएं बनाईं। कई अन्य मामलों में उनकी भूमिका की जांच चल रही थी।