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दिल्ली का बजट : ई-वाहन नीति से सुधरेगी हवा, सौर ऊर्जा से मिलेगा रोजगार

Sun, 27 Mar 2022 05:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

बजटीय भाषण में उपमुख्यमंत्री ने भी माना कि इस क्षेत्र में भी नौकरियों के अवसर पैदा होंगे। अगले पांच साल में यह आंकड़ा एक लाख से ऊपर का होगा।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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दिल्ली सरकार आबोहवा को बेहतर करने की दिशा में ई-वाहन पॉलिसी, सौर ऊर्जा समेत दूसरे कई विकल्पों पर काम कर रही है। बजटीय भाषण में उपमुख्यमंत्री ने भी माना कि इस क्षेत्र में भी नौकरियों के अवसर पैदा होंगे। अगले पांच साल में यह आंकड़ा एक लाख से ऊपर का होगा।

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सिसोदिया के मुताबिक, अगले पांच साल में ई-वाहनों की बिक्री, मरम्मत और रखरखाव, चार्जिंग स्टेशन जैसे सेक्टर में 20 हजार से ज्यादा रोजगार पैदा होंगे। वहीं, महिला चालकों के लिए ई-ऑटो शुरू किया जाएगा। इसके अलावा हर साल पांच हजार ऑटो परमिट जारी होंगे। सिर्फ ऑटो से ही 25 हजार को रोजगार मिलेगा। दूसरी तरफ सरकार सौर ऊर्जा पर भी काम कर रही है।

पांच साल में 2500 मेगावाट क्षमता को रूफ टाप सोलर प्लांट तैयार कर लिए जाएंगे। यह सालाना ऊर्जा मांग का 10 फीसदी होगी। इस क्षेत्र में सेल्स, निर्माण श्रमिक, तकनीशियन और इंजीनियरों के लिए 40 हजार नौकरियां पैदा होंगी। वहीं, दिल्ली के हरित क्षेत्र और पौष्टिक जैविक भोजन की आपूर्ति बढ़ाने और महिलाओं को घर पर रोजगार के अवसर देने के लिए स्मार्ट अर्बन फार्मिंग की शुरुआत होगी।
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इसके लिए पूसा संस्थान से सहयोग लिया जाएगा। अगले पांच साल में 25 हजार नई नौकरियां सृजित होंगी। दिल्ली सरकार ने 750 करोड़ की लागत से 600 से अधिक झीलों और जल निकायों को पुनर्जीवित करने की योजना शुरू की है। जलाशयों को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा। इससे 6 हजार से अधिक ग्रीन जॉब्स पैदा होंगी, ताकि एक बार पुनर्जीवित होने के बाद ये जलाशय खराब नहीं हो।

हरित नौकरियों से घटेगा प्रदूषण
सरकार ने प्रदूषण को लेकर अच्छा बजट पेश किया है। हरित क्षेत्र में एक लाख से अधिक हरित नौकरियों के माध्यम से दिल्ली की आबोहवा को सुधरने में मदद मिलेगी। हालांकि, यह तब है जब हरित क्षेत्र में काम करने वाले नीति को पूरी तरह से कार्यान्वित कर सकेंगे। यदि ऐसा होता है तो संभावना है कि पूरे साल दमघोंटू रहने वाली हवा कल की बात हो जाएगी। 

सरकार ने साहिबी नदी के वजूद को वापस लाने के लिए अच्छा प्रस्ताव दिया है। यदि ऐसा हो जाता है तो दिल्ली के लिए यह एक बड़ी बात होगी, क्योंकि पर्यावरण में नदियों का महत्वपूर्ण किरदार होता है। इससे विभिन्न प्रकार के पौधे व जीव-जंतुओं को भी जीवन मिलेगा। साथ ही, यमुना को साफ करने में एक बड़ी मदद मिलेगी। 

वर्तमान में यदि दिल्ली के परिदृश्य की बात करें तो यहां काफी संख्या में हरित क्षेत्र है। यही वजह है कि दिल्ली का वन क्षेत्र प्रमुख बड़े शहरों में सबसे अधिक 194.24 वर्ग किलोमीटर है। सरकार की ओर से बजट में ई-वाहनों को बढ़ावा देने के साथ सौर ऊर्जा का भी जिक्र किया है, जो कि वर्तमान में काफी महत्वपूर्ण है। वहीं, दिल्ली के लिए स्मार्ट खेती करना भी उत्साहजनक होगा। यदि प्राकृतिक संसाधनों को बचाया जाएगा तो निश्चित रूप से ही मिट्टी का संरक्षण होगा।
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- डॉ. दीपांकर साहा, पूर्व अतिरिक्त निदेशक, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

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