दिल्ली सरकार विज्ञान की आधुनिक पगडंडियों के जरिए भविष्य के आइजैक न्यूटन तैयार करने जा रही है। इसलिए जल्द ही दिल्ली को एक स्कूल साइंस म्यूजियम की सौगात मिलेगी। दिल्ली सरकार चिराग एंक्लेव में इसे स्थापित करेगी। यह संग्रहालय शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच विज्ञान के तिलिस्म को तोड़ते हुए बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और रुचि विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगा। विज्ञान के कई टॉपिक्स को इस संग्रहालय में जाकर आसानी से समझा जा सकेगा। दिल्ली सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के तीसरेे बजट में इस तरह के म्यूजियम का प्रावधान किया है। इसके लिए सरकार शिक्षा के बजट में से 50 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
बजट में खास
विशेषज्ञ की राय : नई यूनिवर्सिटी को मजबूत करने की जरूरत है
शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य पर फोकस करने की जरूरत है। यह दिल्ली सरकार के बजट में दिखता है। शिक्षा पर जिस तरह से दिल खोलकर सरकार पैसा खर्च कर रही है, वह प्रगतिशील कदम है। सरकार नए स्कूल, यूनिवर्सिटी खोल रही है वह ठीक है, लेकिन नई संस्था, यूनिवर्सिटी या फिर स्कूल बना देना ही काफी नहीं है बल्कि इन्हें मजबूत करने की भी जरूरत है। यह भी देखना होगा कि किसी प्रकार से निजीकरण न होने पाए। अन्यथा इसका असर छात्रों की फीस पर पड़ेगा। शिक्षा के क्षेत्र में नए सुधार भी जरूरी है। - प्रोफेसर राजेश झा राजधानी कॉलेज, डीयू
नगर निकायों के लिए 4,374 करोड़
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए स्थानीय निकायों को 4,374 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव रखा है। इसमें स्थानीय निकायों की योजनाओं, कार्यक्रमों, परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए 2,305 करोड़ रुपये और बेसिक टैक्स असाइनमेंट (बीटीए) के लिए 2,069 करोड़ रुपये शामिल हैं।
दिल्ली के वित्तमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि बजट में स्थानीय निकायों को टिकटों, पंजीकरण शुल्क और पार्किंग शुल्क में हिस्सेदारी के लिए 1,780 करोड़ रुपये की अतिरिक्तराशि भी देने का प्रस्ताव है। उधर, दक्षिणी निगम के महापौर मुकेश सूर्यान ने दिल्ली सरकार के बजट में स्थानीय नगर निकायों के लिए प्रस्तावित बजट पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बजट में नगर निगमों को दिए जाने वाले वित्तीय सहयोग में फिर कटौती की गई है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए निगमों के लिए 6154 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में बेहद कम है। ब्यूरो
रोजगार ऑडिट की योजना लाएगी सरकार : सिसोदिया
करदाताओं के पैसे से सृजित नौकरियों का दिल्ली सरकार ऑडिट कराएगी। यह देखेगी कि योजनाओं पर किए गए खर्च से कितने लोगों को रोजगार मिला। खर्च करने का परिणाम क्या है। यह बातें वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने बजट पेश करते सद में कही। सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार यह पता लगाने के लिए एक सर्वेक्षण करेगी कि विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं पर किए गए खर्च के एवज में कितने लोगों को रोजगार मिला है। जनता के टैक्स के पैसे से किए गए कार्यों के सामान्य परिणाम के साथ यह देश में इस तरह का पहला रोजगार ऑडिट होगा।