दो दिवसीय इस समिट में अर्थ जगत की हस्तियों के विचारों को सुन छात्रों में चुनौतियों का सामना करने की समझ विकसित हुई। वहीं, अपने विचारों व बुद्धि से संसार को बदलने की सीख भी मिली।
दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज की इकोनॉमिक सोसायटी और एसोसिएशन ऑफ चार्टर्ड सर्टिफाइड अकाउंट्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित श्रीराम इकोनॉमिक्स समिट 2023 का समापन शनिवार को हो गया। दो दिवसीय इस समिट में अर्थ जगत की हस्तियों के विचारों को सुन छात्रों में चुनौतियों का सामना करने की समझ विकसित हुई। वहीं, अपने विचारों व बुद्धि से संसार को बदलने की सीख भी मिली।
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अमर उजाला की मीडिया पार्टनरशिप में हुए इस समिट में दूसरे दिन अर्थ जगत की कई हस्तियों ने अपने विचारों से छात्रों के भविष्य की राह को आसान बनाया। शनिवार को छात्रों ने शहरीकरण-स्लम, स्थायी जीवन शैली, जलवायु परिवर्तन पर विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों से उनके विचारों को जाना।
डीएलएफ के पूर्व सीईओ के राजीव तलवार ने छात्रों से शहरीकरण व स्लम के परिपेक्ष्य में बात की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी इनोवेटिव आइडिया से किसी प्रोजेक्ट को पूरा करें। उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में छोड़े हुए हाउसिंग प्रोजेक्ट पर कहा कि कॉमर्स व इकोनॉमिक्स के छात्रों के इनोवेटिव आइडिया की मदद से प्रोजेक्ट को पूरा करने में मदद मिल सकती है। यह जरूर सोचें कि कैसे इन प्रोजेक्ट को समय से पूरा किया जा सकता है और इनके लिए वित्त की कमी को कैसे दूर किया जा सकता है।
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समिट में सीईईआर के संस्थापक व सीईओ डॉ. अनुरभा घोष व पर्यावरण विशेषज्ञ (वर्ल्ड बैंक) यशिका मलिक ने छात्रों से स्थायी जीवन शैली व जलवायु परिवर्तन पर बात की। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के विषय पर प्रकाश डाला।