द्वारका इलाके में प्रॉपर्टी विवाद में वकील की गोली मार कर हत्या की गई थी। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मामले की जांच करते हुए आरोपी प्रदीप को सोनीपत के भालगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने बताया कि मृत वकील वीरेंद्र नरवाल उसके परिवार से थे, जिन्होंने धोखाधड़ी कर उसकी प्रॉपर्टी अपने नाम कर ली थी। जिसका बदला लेने के लिए उसने वारदात को अंजाम दिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सन्नौठ नरेला निवासी प्रदीप के रूप में हुई है। पेशे से वकील वीरेंद्र नरवाल परिवार के साथ द्वारका सेक्टर 12 में रहते थे। एक अप्रैल की शाम वह कार से घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो हमलावरों ने उनपर ताबड़तोड़ गोली चला दी। जिससे उनकी मौत हो गई। मामले की तकनीकी जांच करने पर पुलिस को पता चला कि हत्याकांड को प्रदीप उर्फ प्रवीण उर्फ बेबी और नरेश उर्फ लाला ने अंजाम दिया है। अपराध शाखा की 21 सदस्यीय टीम निरीक्षक संदीप स्वामी और संदीप तुषीर की नेतृत्व में जांच शुरू की।
छानबीन में पता चला कि आरोपी फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहा है। पुलिस को आरोपी की कार का नंबर मिला। जिससे वह दिल्ली से भागा था। पुलिस ने दिल्ली से बाहर निकलने के सभी रास्तों और टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरे की जांच की। पुलिस को पता चला कि वह गांव के रास्ते सोनीपत की ओर गया है। पुलिस की टीम ने पीछा करते हुए आरोपी को सोनीपत के भालगढ़ से पकड़ लिया। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने एक पिस्टल और दो कारतूस बरामद कर लिया।
वकील पर पहले भी कर चुका है हमला
पूछताछ में पता चला कि वकील वीरेंद्र नरवाल से उनके परिवार को प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। उसने साल 2017 में रोहिणी में वकील पर गोली चलाई थी, जिसमें वकील बाल बाल बच गए थे, लेकिन उनका दोस्त घायल हो गया था। हमले के बाद वीरेंद्र को सुरक्षा मुहैया करवाया गया था। लेकिन 2021 में उनकी सुरक्षा हटा ली गई। इस मामले में प्रदीप की गिरफ्तारी हुई थी। पुलिस ने बताया कि प्रदीप आठवीं तक पढ़ा है। वह रोशन आरा रोड स्थित गुरु हनुमान अखाड़े में पहलवानी करता था। बाद में घर से जरूरत के मुताबिक पैसा नहीं मिलने पर वह गाड़ियां चोरी करने लगा। दिल्ली के अंबा सिनेमा से चोरी की गई कार का नंबर प्लेट बदलने के दौरान पुलिस ने उसे साल 2008 में पहली बार गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं।