नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के असिस्टेंट प्रोफेसर (एडहॉक) ने पत्नी की हत्या की साजिश रची थी। उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी में असिस्टेंट प्रोफेसर की पत्नी पिंकी हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में सहायक प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार (38) और भतीजे गोविंद (29) को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं आरोपी राकेश कुमार (31) को पुलिस ने सोमवार को ही गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस के मुताबिक वीरेंद्र और पिंकी की फरवरी 2021 में शादी हुई थी। पिंकी के परिजनों ने तिलक में पांच लाख का चेक दिया था जो बाउंस हो गया था। इसके अलावा शादी के बाद से पिंकी ने घर मे हंगामा शुरू कर दिया था। वीरेंद्र पिंकी से पीछा छुड़ाना चाहता था। वहीं राकेश वीरेंद्र का एहसान मानता था, इसलिए उसने हत्या करने की बात की मान ली। वीरेंद्र को राकेश के जेल जाने के बाद उसके परिवार का ख्याल रखने के अलावा उसकी जमानत करानी थी। वहीं गोविंद ने पिंकी और वीरेंद्र का रिश्ता कराया था, इसलिए वह भी वारदात में शामिल हुआ।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि सोमवार रात को पुलिस ने बुराड़ी के वेस्ट संत नगर इलाके से राकेश को गिरफ्तार किया था। आरोपी का कहना था कि उसने भाभी पिंकी की हत्या कर दी। पुलिस वेस्ट संत नगर स्थित घर पहुंची तो चौथी मंजिल के कमरे से पिंकी का शव बरामद हुआ। पिंकी दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार की पत्नी थी। राकेश ने पुलिस को बताया कि वारदात के समय घर में वीरेंद्र के 84 वर्षीय पिता व पिंकी अकेले थे। वीरेंद्र मां को लेकर अस्पताल गया था। राकेश ने बताया कि उसने पहले पिंका का गला घोंटा, बाद में उसे करंट लगाकर मार डाला।
पुलिस ने राकेश को रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ की तो वह बार-बार बयान बदलने लगा। इसके अलावा आसपास लगे करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वारदात के समय वहां पर वीरेंद्र का भतीजा गोविंद भी मौजूद था। इधर पूछताछ के दौरान राकेश भी टूट गया। उसने बताया कि उसने वीरेंद्र के कहने पर ही पिंकी की हत्या की। वीरेंद्र पिंकी से परेशान हो गया था। इस वजह से उसने राकेश व अपने भतीजे गोविंद को पिंकी की हत्या के लिए कहा। वारदात के समय जानबूझकर वीरेंद्र मां को अस्पताल ले गया था। इसके बाद पुलिस ने वीरेंद्र व गोविंद को गिरफ्तार कर लिया।
पहले असिस्टेंट प्रोफेसर के घर में रहता था राकेश
राकेश पहले वीरेंद्र के मकान की छत पर बने कमरे में रहता था। वीरेंद्र ने राकेश को कैब खरीदकर दे रखी थी। उसे चलाकर राकेश खुद का खर्चा और कुछ पैसे वीरेंद्र को देता था। वीरेंद्र की जब शादी हुई तो अगस्त में आते ही पिंकी ने राकेश व उसके परिवार को भगाकर उनसे टैक्सी छीन ली थी। इस वजह से राकेश पिंकी से नाराज था।
करीब 15 दिन पहले रची थी साजिश
करीब 15 दिन पूर्व वीरेंद्र ने राकेश से कहा कि वह किसी भी तरह पत्नी से छुटकारा चाहता था। पिंकी और वीरेंद्र की शादी गोविंद और दोस्तों ने कराई थी। शादी के बाद पिंकी और उसके परिवार का रुख देकर गोविंद भी खफा हो गया। उसने भी चाचा के लिए कुछ भी करने के लिए कहा। साजिश के तहत वीरेंद्र घटना के समय मां को लेकर बाहर चला गया। वहीं गोविंद घर पर वीरेंद्र के बुजुर्ग पिता के पास बैठा रहा। पिंकी अपने कमरे में सो रही थी। तभी राकेश पहुंचा। गोविंद ने दरवाजा खोला। राकेश सीधा पिंकी के कमरे में पहुंचा। वहां उसने सोते समय पिंकी का गला दबा दिया। इसके बाद करंट लगाकर हत्या कर दी। बाद में वह खुद ही पुलिस के पास पहुंचा और अकेले ही पिंकी की हत्या की बात कबूल ली।
पत्नी के रवैये से था परेशान
वीरेंद्र डीयू के रामजस कॉलेज में संस्कृत का सहायक प्रोफेसर था। उसने संस्कृत से पीएचडी की हुई है। वीरेंद्र ने भतीजे गोविंद के कहने पर गाजियाबाद निवासी पिंकी से शादी कर ली। आरोप है कि पिंकी छोटी-छोटी बातों पर वीरेंद्र से झगड़ा करती थी। फरवरी में शादी होने के बाद वह अगस्त में वीरेंद्र के घर आई थी। आते ही उसने वीरेंद्र पर इल्जाम लगने शुरू कर दिए थे। उसने वीरेंद्र पर राकेश की पत्नी से अवैध संबंध के आरोप लगा दिए गए। परेशान होकर वीरेंद्र ने पिंकी की हत्या की साजिश रची थी।