दिल्ली विश्वविद्यालय में एक अक्तूबर को जारी होने वाली कट ऑफ तैयार करने के लिए हलचल तेज हो गई है। जहां कॉलेजों में कट ऑफ का ट्रेंड स्टडी करने केलिए कॉलेज बैठक करेंगे। उधर डीयू प्रशासन भी कॉलेज प्राचार्य के साथ अगले सप्ताह बैठक करने जा रहा है। जिसकेबाद अगले सप्ताह तक प्रशासन डीयू कट ऑफ का शेड्यूल जारी कर सकता है।
वहीं बारहवीं में प्राप्त छात्रों के अंकों का विश्लेषण करने केबाद कॉलेज मान कर चल रहे हैं कि कई साउथ कैंपस कॉलेजों को सीटों से अधिक दाखिलों से बचने केलिए कट ऑफ में 3-4 फीसदी तक तक की बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। राजधानी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ राजेश गिरी ने कहा कि इस बार सभी विषयों में कट ऑफ को बढ़ाना पड़ सकता है। ऐसा हमें सीटों से अधिक दाखिले करने से बचने के लिए करना होगा। चूंकि इस बार बारहवीं में 95 फीसदी व 90 फीसदी अंक लाने वाले छात्रों की संख्या काफी बढ़ी है। इस कारण हमें समस्या हो सकती है।
इसको लेकर कॉलेज में 25 सितंबर केबाद बैठक होने जा रही है। इसमें इस बात पर चर्चा की जाएगी कि कैसे कट ऑफ तैयार की जाए। बैठक में बीते साल की कट ऑफ व 90-100 फीसदी से अंक वाले छात्रों की संख्या को देखते हुए इसे तैयार किया जाएगा। श्री अरबिंदो कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ विपिन अग्रवाल कहते हैं कि हमने कट ऑफ बनाने के लिए तैयारी शुरु कर दी है। हमने साइंस, मानिविकी, वाणिज्य कोर्सेज केलिए शिक्षकों को इनके ट्रेंड की स्टडी करने को कहा है। इससे हमें कट ऑफ तैयार करने में आसानी होगी।
डीयू की ओर से कट ऑफ जारी करने से चार-पांच दिन पहले बैठक कर सभी पहलुओं पर चर्चा करेंगे। अभी हम मान कर चल रहे हैं कि हमें बीते साल की अपनी कट ऑफ केमुकाबले में इस साल विषयों के अनुसार कट ऑफ को तीन से चार फीसदी तक बढ़ाना पड़ सकता है। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि बीते साल कॉलेज में राजनीति शास्त्र की 70 सीटों पर ही 130 दाखिले करने पड़े थे। ऐसे में इस बार तो कट ऑफ को बढ़ाना ही पड़ेगा।
डीयू की कॉलेज प्रिंसिपल के साथ 22 सितंबर को बैठक
दिल्ली विश्वविद्यालय कट ऑफ जारी करने से पहले सभी कॉलेज प्रिंसिपल केसाथ 22 सितंबर को बैठक करने जा रहा है। इसमें कट ऑफ जारी करने संबंधी विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि 90-100 फीसदी अंक लाने वाले छात्रों की संख्या बढने केकारण प्रशासन कॉलेजों को दाखिला संबंधी विशेष हिदायत भी दे सकता है।