दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन के 58.43 किलोमीटर के दायरे में मेट्रो को बगैर ड्रावइर चलाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। मेट्रो परिचालन शुरू करने से पहले मेट्रो रेल के सुरक्षा आयुक्त ने सोमवार को सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का निरीक्षण कर लिया है। माना जा रहा है कि दो-तीन दिनों में सुरक्षा आयुक्त अपनी रिपोर्ट दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन(डीएमआरसी) को सौंप देंगे। हरी झंडी मिलते ही पिंक लाइन पर भी मेट्रो सेवाएं ड्राइवरलेस हो जाएगी। उम्मीदन दिसंबर के पहले पखवाड़े में पिंक लाइन ड्राइवरलेस हो जाएगी।
इससे पहले पिछले साल दिसंबर में मजेंटा लाइन(37 कि.मी.) मेट्रो ड्रावरइलेस कर दी गई है। एक साल के अंदर(दिसंबर तक) दिल्ली मेट्रो की दूसरी लाइन को भी चालक रहित करना दिल्ली मेट्रो की एक बड़ी उपलब्धि होगी। दोनों लाइनों को जोड़ने के बाद दिल्ली मेट्रो का ड्रावरलेस का नेटवर्क का नाम दुनिया के सर्वाधिक लंबे कॉरिडोर में शुमार हो जाएगा।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन(डीएमआरसी)ने पिंक लाइन(मजलिस पार्क-शिव विहार) को ड्राइवरलेस करने के लिए सिग्नलिंग का काम पूरा कर लिया है। इसके बाद मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त ने सोमवार को अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशंस(यूटीओ)के लिए इस कॉरिडोर का निरीक्षण किया है। सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद सुरक्षा आयुक्त की मंजूरी मिलते ही नवंबर के आखिर तक पिंक लाइन पर भी मेट्रो ड्राइवरलेस हो जाएगी।
एक साल में दिल्ली मेट्रो की दूसरी लाइन हो जाएगी ड्राइवरलेस
डीएमआरसी ने तकनीक के क्षेत्र में छलांग लगाते हुए पिछले साल 28 दिसंबर को मजेंटा लाइन पर मेट्रो ड्राइवरलेस कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मजेंटा लाइन पर देश की पहली पहली पूर्ण रूप से स्वचालित चालक रहित मेट्रो को हरी झंडी दिखाई थी। पिंक लाइन पर मेट्रो के ड्राइवरलेस होने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। पिंक लाइन को ड्राइवरलेस करने के लिए पिछले साल त्रिलोकपुरी-मयूर विहार(पॉकेट-वन)के बीच के शेष हिस्से में मेट्रो की मिसिंग लिंक% को पूरा कर लिया गया था। अब मजलिस पार्क से शिव विहार के बीच ड्राइवरलेस मेट्रो निर्बाध दौड़ेगी।
दुनिया भर की ड्राइवरलेस मेट्रो का नौ फीसदी नेटवर्क होगा दिल्ली में
पिंक लाइन पर ड्राइवरलेस मेट्रो का संचालन शुरू होने से दिल्ली मेट्रो का ड्राइवरलेस नेटवर्क करीब 92 का हो जाएगा। यह दूरी दुनिया भर की ड्राइवरलेस मेट्रो नेटवर्क 9 फीसदी हो जाएगा। चौथे फेज में पिंक लाइन के विस्तार के तहत 12.5 किलोमीटर में मौजपुर-मजलिस पार्क पर मेट्रो का परिचालन शुरू होने पर चालक रहित मेट्रो का नेटवर्क 100 किलोमीटर को पार कर जाएगा। इस कॉरिडोर को 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा।