कालकाजी पुलिस को किर्गिस्तान की महिला व उसके 13 महीने के बेटे की हत्या मामले में मंगलवार देर रात तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा था। सीसीटीवी फुटेज से भी पुलिस को कोई क्लू नहीं मिल रहा था। पुलिस की शुरूआती जांच में ये बात सामने आई है कि पीड़ित महिला मिस्कल जुमाबेवा(28) व अन्य लोगों ने रात को नशा किया था।
दक्षिण-पूर्व जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मिस्कल के अलावा अविनीश, मतलुबा के अलावा एक और महिला घर में थी। इन लोगों से शुरूआती पूछताछ में ये बताया है कि आरोपियों ने ज्वाइट नामक नशीले पदार्थ का सेवन किया था। इस नशीले पदार्थ को सूंघ कर नशा किया जाता है। इन आरोपियों ने पूछताछ में ये भी बताया कि मिस्कल जिस कमरे में सो रही थी उस कमरे की कुंडी अंदर से कैसे बंद थी। सवाल ये खड़ा होता है कि जब कुंडी अंदर से बंद थी फिर मिस्कल की हत्या किसने की।
मिस्कल के ऊपर छाती पर चाकू से पांच से छह बार किए गए है। अगर इसे खुदकुशी का मामला कहे तो ये संभव नहीं है कि कोई व्यक्ति खुद के ऊपर चाकू से कई बार कैसे कर सकता है। जबकि मिस्कल के छाती में लगे दो वार दिल तक गए हैं। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार मतलुबा व अन्य लोगों ने शूरूआती पूछताछ में यही बताया है कि जब मिस्कल के कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो उन्हें जोर से धक्का देकर दरवाजा खोला था। कुंडी अंदर से बंद थी। कालकाजी थानाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह की देखरेख में कालकाजी थाने की कई पुलिस टीमें इस मामले की जांच में जुटी हैं।