दिल्ली एम्स रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने बयान जारी करते हुए कहा है कि काला फीता बांधकर वे विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं। वहीं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।
सफदरजंग अस्पताल आरडीए के महासचिव डॉ अनुज अग्रवाल ने बताया कि मंत्रालय ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। बार बार हड़ताल खत्म करने पर दबाव दिया जा रहा है लेकिन काउंसलिंग जल्दी कराने पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। इसलिए डॉक्टरों का विरोध आगे भी जारी रहेगा।
वहीं लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में आरडीए के अध्यक्ष डॉ. सुनील दुचानिया ने कहा कि अब तक शारीरिक और मानसिक परेशानी से कोई राहत नहीं मिली है। उन्होंने भी हड़ताल आगे जारी रखने का समर्थन किया है।
प्रोग्रेसिव मेडिकोज एंड साइंटिस्ट्स फोरम (पीएमएसएफ) ने बयान जारी करते हुए कहा है कि सरकार को भावी डॉक्टरों की सुनवाई करनी चाहिए। कोरोना महामारी के चलते पहले से ही नुकसान झेल रहे इन डॉक्टरों को तत्काल राहत की आवश्यकता है ताकि इनका भविष्य बर्बाद न हो सके।
अस्पतालों की चेतावनी, डॉक्टरों पर असर नहीं
सफदरजंग और आरएमएल अस्पताल ने लिखित तौर पर डॉक्टरों को चेतावनी दी है लेकिन इसका असर विरोध प्रदर्शन पर दिखाई नहीं दे रहा है। सफदरजंग अस्पताल के रेजीडेंट डॉक्टरों का कहना है कि वे किसी भी हाल में मांग पूरा होने तक हड़ताल से पीछे नहीं हटेंगे।
सुबह नौ बजे पहुंचेंगे सीनियर डॉक्टर
सफदरजंग अस्पताल प्रबंधन ने निर्देश जारी किए हैं कि सभी सीनियर डॉक्टरों को नौ बजे ओपीडी में पहुंचना है और दोपहर बाद की सभी ओपीडी को निरस्त किया जाएगा। किडनी की दोपहर बाद होने वाली ओपीडी केवल सोमवार को होगी। यह व्यवस्था हड़ताल तक जारी रहेगी। हालांकि रेजीडेंट डॉक्टरों का कहना है कि अगर ओपीडी चलती है तो उनका विरोध और अधिक बढ़ जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री, महानिदेशक से चर्चा भी हुई फेल
हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों से अब तक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया और स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनील कुमार के साथ अलग अलग समय पर बैठक हो चुकी है लेकिन इसके बाद भी कोई समाधान हासिल नहीं हुआ है। डॉक्टरों का प्रदर्शन लगातार चल रहा है और इसके चलते मरीजों की जान पर बन आई है। पिछले एक दिन में ही करीब पांच मरीजों की मौतें सफदरजंग अस्पताल, आरएमएल और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में दर्ज की गई हैं।
धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है आंदोलन
रेजीडेंट डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है। अभी तक दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में डॉक्टरों की हड़ताल चल रही है। जबकि कई स्थानों पर स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य हैं लेकिन चर्चा है कि आगामी दिनों में दिल्ली के बाकी अस्पतालों में भी पूरी तरह से बंद की स्थिति देखने को मिल सकती है। प्रदर्शन पर मौजूद डॉक्टर जल्द ही दूसरे अस्पतालों में जाकर वहां ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित करने की योजना बना रहे हैं।