फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहली कटऑफ से न हों निराश, आगे भी है आस

विज्ञापन
विज्ञापन
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) की पहली कटऑफ में राजनीति शास्त्र, फिजिक्स, कंप्यूटर साइंस, साइकोलॉजी, बीकॉम ऑनर्स, इकोनॉमिक्स ऑनर्स जैसे कोर्सेज में कटऑफ सौ फीसदी तक रहने से अभिभावकों और विद्यार्थियों की चिंता बढ़ गई है। अधिकतर कॉलेजों में कई कोर्सेज की कटऑफ 95-99 के बीच है। ऐसे में 12वीं में 90 से 95 फीसदी अंक लाने वाले छात्र परेशान हैं। ऊंची कटऑफ के कारण उन्हें डीयू में दाखिले की आस कम दिख रही है।
विज्ञापन

दाखिला विशेषज्ञों का कहना है कि पहली कटऑफ देखकर विद्यार्थियों को निराश नहीं होना चाहिए। इसके मुकाबले में दूसरी कटऑफ वास्तविक होगी। कॉलेज सीटों से अधिक दाखिलों से बचने के लिए पहली कटऑफ को ज्यादा ऊंची रखते हैं। डीयू की शुक्रवार को जारी पहली सूची में एसआरसीसी, हिंदू, रामजस, श्री गुरु तेगबहादुर खालसा, जीसस एंड मैरी, किरोड़ीमल, हंसराज, आईपी जैसे कॉलेजों में कुछ कोर्सेज की कटऑफ 99 से 100 फीसदी है।
मध्य प्रदेश की ज्योति के बेस्ट ऑफ फोर में 92 फीसदी अंक हैं। वे डीयू से पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स करना चाहती हैं। डीयू के 34 कॉलेजों में पॉलिटिकल साइंस कोर्स है। इनमें से 29 में इस कोर्स की कटऑफ 95 फीसदी से अधिक है। अब उन्हें लग रहा है कि पहली कटऑफ में ही सीटें भर गईं तो उन्हें दाखिला नहीं मिल सकेगा। इसी तरह यूपी की नेहा को बीकॉम ऑनर्स में दाखिला लेना है। उनके 12वीं में अंक 90 फीसदी हैं। बीकॉम ऑनर्स की कटऑफ अधिकतर कॉलेजों में 96 फीसदी से अधिक ही है।
विज्ञापन

कई साल तक डीयू दाखिले से जुड़े रहे पूर्व डिप्टी डीन डॉ. गुरप्रीत सिंह टुटेजा कहते हैं कि विद्यार्थियों को परेशान नहीं होना चाहिए। पहली कटऑफ के दाखिले हो जाने दें। उन्हें दूसरी व तीसरी कटऑफ का इंतजार करना चाहिए। डीयू में ही दाखिला लेना चाहते हैं तो अभी लड़कियों के पास एनसीवेब (नॉन कॉलेजिएट वूमेन एजुकेशन बोर्ड) व स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) के विकल्प हैं। यहां दाखिला नहीं लेना चाहते तो उनके पास आंबेडकर विश्वविद्यालय, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, दिल्ली स्किल यूनिवर्सिटी में दाखिले के भी विकल्प हैं। कॉलेज प्राचार्य पहले ही कह चुके हैं कि कॉलेज सीटों से अधिक दाखिले नहीं चाहते। इसीलिए पहली कटऑफ को बढ़ाया गया है। दूसरी लिस्ट में निश्चित रूप से कुछ कमी होगी और दाखिले के अवसर बनेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें