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दिल्ली: बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों का फर्जीवाड़ा में शोमैन ग्रुप का निदेशक गिरफ्तार

Mon, 30 Aug 2021 10:07 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान जोगेश्वरी वेस्ट मुंबई निवासी मोहम्मद फसीहुद्दीन के रूप में हुई है। मेसर्स प्लैनेटकास्ट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि जीवी राव ने वर्ष 2017 में शाखा में फर्जीवाड़ा की शिकायत की।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
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विस्तार
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बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर एक कंपनी के करोड़ों रुपये गबन करने के आरोप में आर्थिक अपराध शाखा ने शोमैन ग्रुप के निदेशक को मुंबई से गिरफ्तार किया। निदेशक ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर कंपनी की जमा राशि पर ओवरड्राफ्ट की सुविधा लेकर ठगी को अंजाम दिया। पुलिस इस फर्जीवाड़ा में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

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शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान जोगेश्वरी वेस्ट मुंबई निवासी मोहम्मद फसीहुद्दीन के रूप में हुई है। मेसर्स प्लैनेटकास्ट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि जीवी राव ने वर्ष 2017 में शाखा में फर्जीवाड़ा की शिकायत की। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि सितंबर 2013 में वुड हाउस कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड के उपाध्यक्ष ऋषभ पाठक से उनकी मुलाकात हुई। 

उसने उसे रवि राजपूत और विमल बरोट की ओर से पंजाब नेशनल बैंक के साथ सावधि जमा पर 10.75 फीसदी ब्याज की पेशकश की। आरोपियों ने कंपनी के नाम से बैंक खाता और सावधि जमा रसीद खोलने के लिए दस्तावेज, यानि आवेदन पत्र, कंपनी निगमन प्रमाण पत्र, केवाईसी दस्तावेज ले लिए। इसके बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ता की ओर से दिए गए दस्तावेजों का इस्तेमाल कर पंजाब नेशनल बैंक अंधेरी में एक चालू खाता खोला। 
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आवेदन पत्र पर आरोपियों ने अपने जाली हस्ताक्षर किए। कंपनी ने आरटीजीएस के माध्यम से 4.65 करोड़ रुपये दिए, जिसे आरोपियों ने सावधि जमा में जमा कर दिए। उसके बाद आरोपियों ने इस रकम के जरिए बैंक से ओवर ड्राफ्ट की सुविधा ले ली और कंपनी के जाली हस्ताक्षर कर 4.08 करोड़ रुपये की हेराफेरी कर दी। जांच में पता चला कि शिकायतकर्ता कंपनी को शक न हो इसके लिए आरोपियों ने मेसर्स शोमैन हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से शिकायतकर्ता कंपनी को आठ लाख रुपये का ब्याज के राशि का भुगतान भी किया था। 

जांच में यह बात सामने आई कि कंपनी के पैसे पर ओवरड्राफ्ट खाता आरोपी मोहम्मद फसीउद्दीन का है। मोहम्मद फसीउद्दीन उक्त कंपनी का निदेशक और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता है। इस बात का खुलासा होने के बाद एस आई गौरव कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी जांच कर मोहम्मद फसीहुद्दीन को शनिवार को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि आरोपी वर्ष 2014 में आर्थिक अपराध शाखा और अमर कालोनी थाने में दर्ज फर्जीवाड़ा के दो अन्य मामलों में भी शामिल रहा है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर जांच में जुटी है।

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