नई दिल्ली। हाईकोर्ट के कड़े रवैये को देख नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने यात्रा के दौरान मास्क सही तरह न पहनने वाले यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। डीजीसीए ने हाईकोर्ट को बताया कि विमान में यात्रियों को मास्क पहनने के प्रति सचेत किया जा रहा है। चेतावनी के बावजूद जो यात्री इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उसे विमान से उतार दिया जाएगा। इतना ही नहीं ऐसे यात्री को यात्रा के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा। इतना ही नहीं 16 मार्च को जम्मू से दिल्ली विमान यात्रा के दौरान 4 यात्रियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई भी की गई है।
न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति सी. हरि. शंकर की खंडपीठ के समक्ष डीजीसीए ने अपने जवाब में कहा कि चेतावनी के बाद भी सही से मास्क नहीं पहनने वाले यात्रियों को उड़ान भरने से पहले विमान से उतार दिया जाएगा। डीजीसीए ने पीठ को बताया कि ऐसे यात्रियों को अनियंत्रित यात्री माना जाएगा। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए तय सभी दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
खंडपीठ न्यायमूर्ति सी. हरि. शंकर द्वारा 8 मार्च को कोलकाता से दिल्ली यात्रा के दौरान विमान में यात्रियों के मास्क न पहनने के रवैये पर संज्ञान मुद्दे पर सुनवाई कर रही है। उन्होंने विमान में पाया था कि अधिकांश यात्रियों ने मास्क नहीं लगाया था जबकि बंद विमान में कोरोना संक्रमण के फैलने का ज्यादा खतरा है। उन्होंने इस मामले को गंभीर मानते हुए स्वयं संज्ञान लेकर डीजीसीए से जवाब मांगा था।
खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान डीजीसीए द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर संतोष जताते हुए कहा उम्मीद है कि कोरोना संक्रमण से यात्रियों की सुरक्षा के लिए इसी भावना और लगन से कार्रवाई जारी रहेगी। खंडपीठ ने मामले का निपटारा करते हुए कहा कि नियमों की अनदेखी करने वाले यात्रियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू करना एक स्वागत योग्य कदम है।
डीजीसीए की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने अदालत को बताया कि 13 मार्च को इस मुद्दे पर सर्कुलर जारी किया गया है। इसके तहत विमान में, यदि कोई यात्री बार-बार चेतावनी देने के बाद भी ठीक से मास्क पहनने के निर्देश का पालन नहीं करता है, तो उसे प्रस्थान से पहले जरूरत पड़ने पर डी-बोर्ड किया जाना चाहिए यानी विमान से उतार दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विमान में यदि बार-बार निर्देश के बाद भी मास्क पहनने से इनकार करता है या बार-बार चेतावनी के बाद भी कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन करता है तो ऐसे यात्री को अनियंत्रित यात्री के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। वहीं इस मामले में एयर इंडिया भी पहले ही सर्कुलर जारी कर चुकी है।
उन्होंने अदालत को बताया कि 16 मार्च को जम्मू से दिल्ली विमान यात्रा के दौरान 4 यात्रियों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने पर अनियंत्रित यात्री के रूप में परिभाषित किया गया। चारों यात्री चेतावनी दिए जाने के बाद भी मास्क नहीं पहन रहे थे। इन यात्रियों को सुरक्षा अधिकारियों के हवाले कर दिया गया। डीजीसीए ने कहा कि विमानों में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन हो रहा है या नहीं, इसका औचक निरीक्षण करने का भी फैसला किया गया है।