नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में रेगुलर, एसओएल व एनसीवेब के विद्यार्थियों के लिए सोमवार से ओपन बुक एग्जाम की शुरुआत हुई है। परीक्षा में एसओएल के विद्यार्थियों को प्रश्न पत्र डाउनलोड करने व उत्तर पुस्तिका अपलोड करने में दिक्कत आ रही है। विद्यार्थियों की शिकायत है कि एसओएल की ओर से नियुक्त नोडल अधिकारी भी फोन नहीं उठा रहे।
उत्तर पुस्तिका जमा नहीं होने पर लगभग 400-500 विद्यार्थी दोपहर बाद एसओएल पहुंच गए। एसओएल ऑफिस में भी अफरा-तफरी रही, जिसके कारण विद्यार्थियों को कई घंटे लाइन में लगना पड़ा।
एक विद्यार्थी ने बताया कि काफी मशक्कत के बाद भी उनकी उत्तर पुस्तिका अपलोड नहीं हो सकी। उन्हें समझ नहीं आया कि क्या किया जाए, इसलिए वह कार्यालय पहुंच गए। एसओएल में काफी संख्या में दिल्ली से बाहर के विद्यार्थी भी दाखिला लेते हैं। ऐसी समस्या उनके साथ भी हुई होगी।
इन समस्याओं के पता चलने के बाद क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने एसओएल प्रशासन को ऑनलाइन परीक्षा में डाउनलोड और अपलोड की समस्या हेतु ज्ञापन सौंपा। केवाईएस का कहना है कि रेगुलर कॉलेज के विद्यार्थियों को पेपर जमा करने के लिए पोर्टल के साथ ईमेल की सुविधा मुहैय्या कराई गई है। लेकिन ऐसी कोई सुविधा एसओएल के विद्यार्थियों को नहीं दी गई है। जबकि एसओएल विद्यार्थियों की संख्या रेगुलर कॉलेज के विद्यार्थियों से तीन गुणा है। एसओएल ने उत्तर पुस्तिका डैशबोर्ड व पोर्टल पर जमा कराने की सुविधा दी थी।
वहीं विद्यार्थियों का कहना है कि वह अब तक स्टडी मैटीरियल से वंचित हैं और उन्हें कक्षाएं भी ठीक से नहीं दी गई हैं। यहां तक कि एसओएल वेबसाइट पर जो नोटिस उपलब्ध हैं वह अंग्रेजी में होने के कारण काफी छात्रों को उन्हें समझने में दिक्कत हो रही है।
केवाईएस ने प्रशासन से मांग की है कि रेगुलर कॉलेज के छात्रों की तरह एसओएल छात्रों को भी एक वैकल्पिक ईमेल आईडी दी जाए। जिससे पोर्टल पर उत्तर पुस्तिका जमा न होने पर उसका इस्तेमाल किया जा सके। साथ ही छात्रों को ऑनलाइन और ऑफलाइन परीक्षा में चयन करने का विकल्प दिया जाए। केवाईएस ने बृहस्पतिवार को प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने की तैयारी की है।
एसओएल ने पेपर के अनुसार 250 ईमेल आईडी बनाईं
एसओएल के ओएसडी डॉ उमा शंकर पांडेय ने कहा कि विद्यार्थियों में असमंजस बहुत है। कोरोना से बचाव और छात्रों की सुविधा के लिए अब उत्तर पुस्तिका ईमेल पर भी लेंगे। इसके लिए पेपर के अनुसार लगभग 250 आईडी तैयार की गई हैं। यह बृहस्पतिवार से एक्टिव हो जाएंगी। विद्यार्थी अपनी उत्तर पुस्तिका ईमेल आईडी पर भी भेज सकेंगे। इसकी जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचा दी जाएगी।