दिल्ली महिला आयोग ने एक बार फिर दिल्ली में एक बाल विवाह रुकवाने में कामयाबी हासिल की। मामला है दिल्ली के जहांगीरपुरी का जहां एक 15 वर्षीय लड़की का निकाह करवाया जा रहा था। दिल्ली महिला आयोग को एक अज्ञात शख्स ने शिकायत की और विवाह की जानकारी दी जिसके बाद दिल्ली महिला आयोग की टीम ने 2 दिन तक इलाके में चुपचाप घूमकर गतिविधियों का जायजा लिया और खबर को सही पाया।
वीरवार दोपहर 1 बजे लड़की का निकाह समारोह शुरू होते ही दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल के नेतृत्व में आयोग की टीम जहांगीरपुरी पहुंची और टीम ने पाया कि निकाह स्थल पर बारात आ चुकी थी और दूल्हा लड़की के आने का इंतज़ार कर रहा था। आयोग की टीम स्थानीय पुलिस के साथ लड़की के घर पहुंची और वहां लड़की को हाथों में मेंहदी लगाए निकाह के इंतजार में बैठा पाया।
आयोग ने लड़की से बात की तो लड़की ने कबूल किया की उसकी उम्र 15 वर्ष है। टीम ने लड़की की मां से जब बात की तो उसने बताया कि लड़की का जन्म वर्ष 2005 में हुआ था। टीम ने तुरंत बच्ची का निकाह रुकवाते हुए उसे वहां से बाहर निकाला और उसकी काउंसलिंग कर उसे कानून के बारे में बताया।
दिल्ली पुलिस मौके पर मौजूद लोगों को पूछताछ के लिए स्थानीय पुलिस थाने लेकर गई और अब लड़की के स्टेटमेंट लिए जाएंगे एवं बच्ची को उसके बाद बाल कल्याण समिति के सामने आगे की कार्यवाही के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। बच्ची बहुत गरीब परिवार से है और दिल्ली महिला आयोग अब बच्ची के पुनर्वास पर भी काम करेगा।
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने कहा , बहुत दुखद है कि देश से बाल विवाह ख़त्म होने का नाम नही ले रहा है। बच्चों से उनका बचपन छीनने वालों को सख़्त सजा होनी जरूरी है। इस मामले में तुरन्त एक्शन में आते हुए हमारी टीम और मै तुरन्त मौके पर पहुंचे और समय रहते बच्ची का विवाह रुकवाने में कामयाब हुए। दिल्ली महिला आयोग अब तक न जाने कितनी ऐसे बच्चियों को बालिका वधू बनने से बचा चुका है। हम इसी तरह मेहनत करते रहेंगे और दिल्ली की महिलाओं के अधिकार के लिए लड़ते रहेंगे