उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त ईशा पांडेय ने बताया कि एक फरवरी को कमल तोश्निवाल नामक शख्स ने अमर कालोनी थाने में आकर शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया कि उनका संत नगर, ईस्ट ऑफ कैलाश में अपना इलेक्ट्रॉनिक्स सामान का वेयरहाउस है। यहां दिनेश चितलंगिया नामक युवक मैनेजर का काम करता है। इनके वेयरहाउस से एलजी और सैमसंग कंपनी की करीब 590 एलईडी गायब हैं। कमल की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।
ई-वे बिलों से हुआ चोर का खुलासा
पुलिस ने कंपनी के ईवे बिलों की जांच की तो पता चला कि एसएस इलेक्ट्रॉनिक्स के नाम से बिल जारी हुए हैं, जो बालाजी में स्थित है। जांच के दौरान पता चला कि दोनों बिल कमल के मैनेजर दिनेश ने जारी किए हें। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि दो ट्रक में माल लोड कर भेजा गया है। एसएचओ प्रदीप रावत व अन्यों की टीम ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने दिनेश के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की।
उसके मोबाइल की लोकेशन राजस्थान के नागौर की मिली। फौरन एक टीम को राजस्थान भेजा गया। आरोपी को वहां से दबोच लिया गया। इसके बाद उसे दिल्ली लाकर एलईडी टीवी को दिल्ली के वसंतकुंज एंक्लेव से बरामद कर लिए गए। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसकी खुद की राजस्थान के नागौर में एसएस इलेक्ट्रॉनिक के नाम से अपनी दुकान है। उसका कारोबार अच्छा नहीं चल रहा था। इसलिए उसने नौकरी कर मालिक के वेयरहाउस से एलईडी टीवी उड़ा लिए। आरोपी ने बताया कि उसने किराए की जगह लेकर वहां एलईडी शिफ्ट कर दिए। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।