विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद के अनुसार आरोप पत्र मुख्य रूप से फरवरी 2020 में हुई हिंसा से पहले दंगों को कथित भड़काने वालों द्वारा आयोजित बैठकों से संबंधित है। प्रसाद ने अदालत को बताया कि पुलिसकर्मियों पर तेजाब से किए गए हमले और आरोपी आसिफ इकबाल तन्हा की आवाज के नमूने के नतीजे आ चुके हैं।
पहली चार्जशीट नवंबर 2020 में की थी दाखिल
दिल्ली पुलिस ने नवंबर 2020 में उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य के खिलाफ यूएपीए मामलों में पहली चार्जशीट दायर की थी। इसके तुरंत बाद दिल्ली की एक अदालत ने इसका संज्ञान लिया।
दिल्ली दंगों के मामले में पहला आरोप पत्र सितंबर 2020 में दायर किया गया था। पुलिस ने 15 आरोपियों अब्दुल खालिद सैफी, इशरत जहां, मीरान हैदर, ताहिर हुसैन, गुलफिशा खातून, सफूरा जरगर, सफा-उर-रहमान, आसिफ इकबाल तन्हा आदि को नामजद किया था। शादाब अहमद, नताशा नरवाल, देवांगना कलिता, तस्लीम अहमद, सलीम मलिक, सलीम खान और अतहर खान भी आरोपियों में शामिल हैं।