दूसरा मामला थाना खजरी खास का है। अदालत ने आरोपी शाहबुद्दीन को जमानत प्रदान की है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर पप्पू नामक युवक की हत्या का आरोप है। इस मामले में कांस्टेबल सहित दो अन्य चश्मदीद गवाह है।
अदालत ने कहा कि कांस्टेबल ने 25 फरवरी 20 को घटनास्थल पर होने के बावजूद 12 मार्च को अपना बयान दर्ज करवाया। वहीं एक चश्मदीद गवाह दलीप के बयान 40 दिन बाद व दूसरे गवाह दीपक के बयान 54 दिन बाद दर्ज किए गए। तीनों ने ही घटना की जानकारी देने के लिए पीसीआर को कॉल तक नहीं किया। आरोपी के खिलाफ सीसीटीवी फुटेज जैसे साक्ष्य नहीं है।
इसके अलावा पुलिस के पास ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है कि आरोपी की भमिका सहआरोपियों के से अलग थी, वह मात्र भीड़ का हिस्सा था। ऐसे में वे आरोपी की जमानत 20 हजार रुपये के मुचलके व एक अन्य जमानत राशि पर स्वीकार करते हैं।