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दिल्ली में तीसरी लहर की तैयारी: केजरीवाल ने लिए कई बड़े फैसले, इंफ्रास्ट्रक्चर, बेड, ऑक्सीजन और दवाओं पर जोर, केंद्र में होंगे बच्चे 

Sat, 05 Jun 2021 10:58 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

संक्रमण रोकने के लिए पर्याप्त संख्या में ऑक्सीजन और आईसीयू बेड तैयार होंगे। पैरामेडिकल स्टाफ की अतिरिक्त तैनाती, ऑक्सीजन की आपूर्ति, भंडारण और उत्पादन भी सुनिश्चित किया जाएगा। इस बार की तैयारी के केंद्र में बच्चे भी रहेंगे।
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दिल्ली में कोरोना के मामले - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कोरोना संक्रमण की बीती दो लहरों से मिले अनुभव के आधार पर दिल्ली सरकार मान रही है कि संभावित तीसरी लहर का पीक आने पर संक्रमण के नए केस 37,000 तक जा सकते हैं। इसके मद्देनजर सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जोर स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का है। इससे अंतिम वक्त में अफरातफरी नहीं फैलेगी। 
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संक्रमण रोकने के लिए पर्याप्त संख्या में ऑक्सीजन और आईसीयू बेड तैयार होंगे। पैरामेडिकल स्टाफ की अतिरिक्त तैनाती, ऑक्सीजन की आपूर्ति, भंडारण और उत्पादन भी सुनिश्चित किया जाएगा। इस बार की तैयारी के केंद्र में बच्चे भी रहेंगे। खास बात यह कि दिल्ली में सक्रिय कोरोना के म्यूटेंट का पता लगाने के लिए दो जीनोम सीक्वेंसिंग लैब भी बनेगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बेहतर तरीके से तैयारियां करने के लिए शुक्रवार को आला अधिकारियों व विशेषज्ञों के साथ मैराथन बैठक भी की। इससे उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं।

अरविंद केजरीवाल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि विशेषज्ञ समिति व तैयारी समिति की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए है। तीसरी लहर में रोजाना 37 हजार मामले आने तक की स्थिति को लेकर अस्पतालों में बेड बढ़ाने और मानव संसाधन बढ़ाने को लेकर तैयारी करेगी। साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य नियंत्रण कक्ष सह डेटा हब भी स्थापित किया जाएगा। ऑक्सीजन भंडारण क्षमता को 421 मीट्रिक टन तक किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग 350 मीट्रिक टन के करीब 25 टैंकर खरीदेगा। इसके साथ 150 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन और 2000 सिलिंडरों की रिफिलिंग की सुविधा होगी।
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अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, माना जा रहा है कि तीसरी लहर में बच्चों पर प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में बच्चों में गंभीर बीमारी को लेकर नवजात आपातकालीन परिवहन प्रणाली (एनईटीएस) के साथ बाल चिकित्सा जीवन समर्थन, बीमारी की विशिष्ट दवाएं और विशिष्ट उपकरणों को लेकर रणनीति बनायी गई है। अभी तक का अनुभव बताता है कि दो लहरों के बीच न्यूनतम 2-3 महीने का समय अंतराल रहा है। इसलिए हर तैयारी समयबद्ध तरीके से करनी होगी।

बैठक में लिए गए बड़े फैसले

1. बुनियादी ढांचे का विस्तार

. कोरोना की मौजूदा लहर में रोजाना 28,400 नए मामलों आए थे। तीसरी लहर के लिए अस्पतालों और सीएचसी में 36,900 कोविड बेड बनाने का लक्ष्य है। फिलहाल इनकी संख्या 12,000 है।
. ऑक्सीजन और आईसीयू बेड पर फोकस रहेगा, इस संबंध में केंद्र सरकार, निजी क्षेत्र और गैर सरकारी संगठनों की मदद ली जाएगी।
. हम सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार कर ऑक्सीजन पाइपलाइन, एलएमओ टैंक और ऑक्सीजन पॉइंट की तैयारी पहले ही शुरू करेंगे। वेंडर्स को भी पैनल में शामिल किया जाएगा।
. नर्सों और डॉक्टरों के अनुबंध को छह महीने तक बढ़ाया जा रहा है। अब इनकी संविदा 31 दिसंबर 2021 तक रहेगी।
. अस्पतालों में कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए अस्पतालों में स्वीकृत संख्या के हिसाब से पद भरे जाएंगे।
. इन अस्पतालों को शिक्षण अस्पातलों एलएनजेपी, जीटीबी आदि के साथ जोड़ा जाएगा ताकि शिक्षण का अनुभव ले सकें।
. सभी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता में सुधार के लिए दिल्ली के अस्पतालों में पीजी और स्नातक के छात्रों के लिए एक साल की इंटर्नशिप शुरू होगी। इससे वह तुरंत एसआर के रूप में काम करना शुरू कर सकेंगे।
. हम बड़े स्तर पर अस्पातलों में क्षमता निर्माण कार्यक्रम चलेंगे।
. सभी गैर-आईसीयू चिकित्सा कर्मियों को ऑक्सीजन थेरेपी, आईसीयू प्रबंधन, बाल रोग स्वास्थ्य देखभाल, कोविड देखभाल गतिविधियों आदि में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। इसके लिए करीब 500 ट्रेनर तैयार किए जाने हैं। वहीं, तीन हजार से अधिक गैर-आईसीयू डॉक्टरों, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू होंगे।
. एमबीबीएस और बीडीएस के छात्रों को गैर-नैदानिक गतिविधियों और टेली-परामर्श के लिए तैयार किया जाएगा।
. लोकनायक अस्पताल में म्यूटेटिंग वायरस को ध्यान में रखते हुए 2-3 महीने में जीनोम सीक्वेंसिंग लैब को चालू कर दिया जाएगा।
 

2. ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर
. दिल्ली सरकार आईआईटी-दिल्ली के प्रोफेसर संजय धीर के साथ बातचीत कर रहे हैं। इन्होंने तीन अलग-अलग हालातों में दिल्ली में ऑक्सीजन प्रबंधन से संबंधित अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। आईआईटी-कानपुर के प्रोफेसर मनिंदर अग्रवाल, जिन्होंने सूत्र मॉडल के साथ देश में कोविड के प्रसार का गणितीय प्रक्षेपण तैयार किया है, भी विशेषज्ञ समिति में एक नियमित अतिथि सदस्य हैं।
. ऑक्सीजन भंडारण क्षमता को 421 मीट्रिक टन तक की जाएगी। दिल्ली की पीक ऑक्सीजन मांग के मुताबिक कम से कम एक दिन के बफर के लिए बढ़ाया जाएगा।
. बेड कैपेसिटी बेंचमार्क से जुड़े सभी अस्पतालों में अनिवार्य एलएमओ स्टोरेज सुनिश्चित करने का आदेश भी जारी होगा।
. स्वास्थ्य विभाग 350 मीट्रिक टन के लगभग 25 टैंकरों की खरीद की जाएगी।
. दिल्ली सरकार 150 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन और 2000 सिलेंडरों की रिफिलिंग का ढांचा तैयार होगा।
. कोरोना संकट और बिस्तर बढ़ने की स्थिति में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त संख्या में सिलेंडर खरीदे जानें चाहिए।
. जमाखोरी रोकने के लिए क्यूआर कोड ट्रैकिंग की मदद से सिलेंडर की लाइव-ट्रैकिंग की जाएगी।

3. कोविड उपचार संबंधी दवाओं के संबंध में निर्णय लिए गए
.यह निर्णय लिया गया कि सभी सरकारी अस्पतालों में कोविड-19 के उपचार के लिए आवश्यक दवाओं का एक उचित बफर स्टॉक तैयार किया जाएगा
. सभी निजी अस्पतालों को एडवाइजरी जारी की जाएगी कि कोविड रोगियों के इलाज के लिए आवश्यक दवाओं की आवश्यक व्यवस्था करें।
. डीजीएचएस के तहत वरिष्ठ डॉक्टरों/विशेषज्ञों की एक टीम आईईसी और मल्टी मॉडल जागरूकता अभियान के लिए बनाई जाएगी। इससे रेमेडिसविर, टोसीलिजुमैब, मोनोक्लोनल एंटीबॉडी आदि दवाओं के विवेकपूर्ण उपयोग के बारे में शिक्षित किया जा सके।
. कोविड की दवाओं के लिए एसओपी तैयार होगी। इसमें रेमडेसिविर, टोसीलिजुमैब सरीखी किसी विशेष दवा के फायदे, नुकसान और उपयोग संबंधी दिशा-निर्देश दिया जाएगा।
. आईएमए, डीएमए और चिकित्सा जगत से अनुरोध करेंगे कि दवा को लेकर जनता शिक्षित करें और डॉक्टर किसी भी दवा का परामर्श देते समय इलेक्ट्रॉनिक मीडिया/सोशल मीडिया के माध्यम से घबराहट में दवाओं की खरीदारी से बचने की लोगों को सलाह दें
. आईसीएमआर के दिशानिर्देशों के हिसाब से दिशानिर्देशों और सामान्य निर्देशों का पालन सभी अस्पतालों द्वारा किया जाए और जनता के बीच उनके ज्ञान और समझ के लिए विज्ञापन दिया जाए। हम इस संबंध में डीजीएचएस से बात करेंगे।
. सरकारी अस्पतालों द्वारा वयस्क और बाल रोगियों के लिए आवश्यक दवाइयों की मात्रा का आंकलन करने के बाद खरीददारी की जाएगी, ताकि अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ-साथ होम आइसोलेशन के मरीजों को दवाई की कमी न रहे।
. कोविड-19 की अगली लहर को देखते हुए कुल मरीजों में से 25 से 35 फीसदी मरीजों के लिए दिल्ली सरकार के अस्पतालों में दवा और उपकरणों का स्टॉक बनाने का निर्णय लिया गया है।
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4. टीकाकरण अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जाएगा। बीएलओ और सीडीवी वाली फील्ड स्तरीय टीम बूथवार घर-घर जाकर टीकाकरण के पात्र लोगों की टीकाकरण की स्थिति का पता लगाएगी। टीकाकरण कराने के इच्छुक लाभार्थियों को कोविन पोर्टल पर पंजीकृत होंगे। उनके घर के पास मतदान केंद्र में उपलब्ध कराई जा रही टीकाकरण सुविधा के बारे में बताया जाएगा। टीकाकरण में दिलचस्पी न रखने वालों की काउंसलिंग की होगी।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार मतदान केंद्रों में नियर टू होम कोविड वैक्सीनेशन सेंटर (एनएचसीवीसी) की भी व्यवस्था करेगी। इसके जरिए 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी और टीकाकरण उनके घर के पास उपलब्ध कराया जाएगा। अगले कुछ हफ्तों में सभी विधानसभा क्षेत्रों को चरणबद्ध तरीके से कवर किया जाएगा।
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