उन्होंने बताया कि आरोपी ने मेक इन इंडिया योजना के तहत उन्हें देश भर के विभिन्न रक्षा प्रतिष्ठानों के साथ पंजीकृत करवाने का झांसा दिया और उन्हें रक्षा क्षेत्र में निविदा दिलाने की बात कही। आरोपी ने खुद को रक्षा क्षेत्र में सलाहकार के रूप में काम करने की बात कहकर रक्षा मंत्रालय, सीएसडी कैंटीन, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों आदि सहित रक्षा क्षेत्र में खरीद आदेश, निविदाएं, बोलियां प्राप्त करने में उनकी मदद का आश्वासन दिया। इसके एवज में उसने कंपनियों से पैसे लिए और काम नहीं होने पर पैसे वापस करने का वादा किया।
फर्म में कर्मचारियों को भी नियुक्त किया
पीड़ितों के बैंक खातों का विवरण, भुगतान के कागजात लेने के बाद पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों की पहचान की। जांच में पता चला है कि आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये ज्यादा से ज्यादा कंपनियों को प्रेरित करने के लिए अपनी फर्म में कई कर्मचारी को नियुक्त किया था। पुलिस ने आरोपी की तलाश में कई जगहों पर दबिश दी। तकनीकी जांच से आरोपी के देहरादून में होने की जानकारी मिली। पुलिस टीम ने शनिवार को वहां छापा मारकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।