मूलरूप से ग्राम हाथी करौता जिला शामली के रहने वाले परविंदर (34) पत्नी मोनिका, बेटी अवनी और पांच साल के बेटे के साथ एसएलएफ वेद विहार कॉलोनी में रहते थे।
गाजियाबाद के लोनी के एसएलएफ वेद विहार कॉलोनी में मंगलवार सुबह दिल्ली पुलिस के सिपाही परविंदर (34) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पत्नी को सुबह जगने पर घटना के बारे में पता चला। पुलिस मौत के कारण का पता करने में जुटी है। उधर, परिजनों ने मामले में तहरीर नहीं दी है।
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मूलरूप से ग्राम हाथी करौता जिला शामली के रहने वाले परविंदर (34) पत्नी मोनिका, बेटी अवनी और पांच साल के बेटे के साथ एसएलएफ वेद विहार कॉलोनी में रहते थे। वह दिल्ली के वेलकम थाने में सिपाही पद पर तैनात थे। पुलिस के अनुसार सोमवार को परविंदर छुट्टी पर था।
मंगलवार को उसे ड्यूटी पर जाना था। पुलिस को मोनिका ने बताया कि सुबह करीब चार बजे परविंदर उनके कमरे से उठकर दूसरे कमरे में चले गए। सुबह करीब साढ़े सात बजे मोनिका ने परविंदर को ड्यूटी जाने के लिए कमरे का गेट खटखटाया, लेकिन अंदर से आवाज नहीं आई। काफी देर तक आवाज नहीं आने पर मोनिका ने दरवाजे को धक्का मारकर तोड़ दिया। अंदर जाकर देखा तो परविंदर का शव चुन्नी से लटका हुआ था।
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मोनिका के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग आ गए। उन्होंने परविंदर को फंदे से उतारा। आसपास के लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि मामले में परिजनों ने तहरीर नहीं दी है। सिपाही ने आत्महत्या क्यों की इस मामले की जांच की जा रही है। परिवार के लोग शव लेकर अपने पैतृक गांव रवाना हो गए हैं।