शांति भंग करने के आरोप में पकड़े गए शख्स को छुड़ाने एक नहीं उसकी दो पत्नियां थाने पहुंच गई। फिर क्या था, एक ने दरोगा जी का गिरेहबान पकड़ा तो दूसरी ने उनका मोबाइल पटककर चकनाचूर कर दिया। दोनों ने पति को छुड़ाने के लिए थाने में खूब बवाल काटा। किसी तरह दोनों महिलाओं को काबू किया गया। बाद में उनके खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने और ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी पर हमला करने का मामला दर्ज कर लिया गया। पूरा वाकया साउथ रोहिणी थाने का है। अब पति के अलावा उसकी दोनों पत्नियों भी हवालात में हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महेश बरवा और उसकी पत्नियां अल्का और हेमलता के रूप में हुई है। महेश सेक्टर तीन रोहिणी में रहता है। महेश ने कुछ दिन पहले एक शख्स के खिलाफ थाने में शिकायत दी थी। शुक्रवार को पुलिस मामले की छानबीन करने के लिए महेश को थाने में बुलाया था। जांच अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे थे। इस दौरान महेश मोबाइल से वीडियो बनाने लगा। जांच अधिकारी ने उसे ऐसा करने से मना किया तो महेश थाने में हंगामा करने लगा। काफी समझाने बुझाने पर वह शांत नहीं हुआ। तब पुलिस ने उसे शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
इस बात की जानकारी मिलते ही महेश की एक नहीं, दो पत्नियां थाने पहुंच गई। उस समय पुलिसकर्मी महेश को हवालात ले जा रहे थे। यह देखकर दोनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। हेमलता ने पुलिसकर्मी का गला पकड़ लिया और उसकी वर्दी फाड़ दी। महिलाओं को हंगामा करते देख उपनिरीक्षक अरुण अपने मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। इसको देखकर अल्का बेकाबू हो गई और अरुण से मोबाइल छीनकर उसे जमीन पर पटककर तोड़ दिया। उसके बाद दोनों महिलाएं पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई करने लगी। महिला पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों को काबू में किया। पुलिस ने महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हेमलता महेश की पहली पत्नी है। दो साल पहले अल्का ने उस पर दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया था। महेश ने अल्का से शादी कर मामले को रफा दफा कर लिया। दोनों पत्नियां अलग-अलग जगहों पर रहती हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।