उन्होंने आगे बताया था कि जिस वाहन से टक्कर लगी थी, उसे विजय शेखर शर्मा चला रहे थे, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था। यह मामला तब हुआ था जब दक्षिणी दिल्ली की पुलिस उपायुक्त बेनिता मैरी जैकर का चालक वाहन में पेट्रोल भरवाने अरबिंदो मार्ग की तरफ गया था।
इसके बाद दिल्ली पुलिस ने अपनी एफआईआर की कॉपी में कहा था, ''उस समय मदर इंटरनेशनल स्कूल के बाहर जमा लगा था क्योंकि स्कूल के बच्चे सड़क पार कर रहे थे। उसी समय शर्मा की गाड़ी ने डीसीपी के वाहन में पीछे से टक्कर मार दी और चालक मौके से भाग गया।''
दिल्ली पुलिस ने बताया कि डीसीपी की कार चला रहे कांस्टेबल दीपक ने उस वाहन का नंबर लिख लिया और मालवीय नगर पुलिस स्टेशन को घटना की सूचना दी। इसके बाद वाहन की जानकारी निकाली गई तो उसे गुरुग्राम की एक कंपनी के नाम रजिस्टर्ड पाया गया। वहां से पता चला कि वाहन विजय शेखर शर्मा का है।
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना के समय शर्मा ही गाड़ी चला रहे थे। बाद में उन्हें मालवीय नगर पुलिस स्टेशन बुलाया गया और गिरफ्तार कर लिया गया, जहां तेज और लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज था। उन्हें थाने से उसी दिन जमानत मिल गई। आगे की जांच जारी है।
पेटीएम ने जारी किया बयान
पेटीएम फाउंडर की गिरफ्तारी और बाद में जमानत पर रिहा होने के बाद कंपनी ने रविवार को बयान जारी किया है। कंपनी ने कहा कि एक मामूली सड़क हादसे की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। उस कथित घटना में किसी भी व्यक्ति या संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा था। मीडिया में इस गिरफ्तारी को बढ़ा-चढ़ाकर बताया जा रहा है। घटना के संबंध में जमानती अभियोग दर्ज हुआ था और सभी कानूनी कार्रवाइयां उसी दिन पूरी हो गई थीं।