यूपी में 1.5 लाख का इनाम है घोषित
स्थानीय थाना पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि परवेज फरार था। मुरादाबाद पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। हाइवे पर 14.90 लाख रुपये लूटने के मामले में मेरठ पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। इंस्पेक्टर सतेंद्र मोहन को पता लगा कि परवेज ट्रांस-यमुना इलाके में छिपा हुआ है। बाद में ये पता लगा कि वह अक्षरधाम मंदिर व न्यू अशोक नगर के पास आएगा और वह अक्षरधाम से गुजरेगा।
एसीपी उमेश बड़थ्वाल की देखरेख में इंस्पेक्टर समेंद्र मोहन, एसआई रामफल व एसआई मुकेश कुमार की पुलिस टीम ने न्यू अशोक नगर मेट्रो स्टेशन के पास नाले के नजदीक घेराबंदी की। 27 मार्च की रात स्कूटी पर एक युवक आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस टीम ने उसे आत्मसमर्पण करने को कहा तो उसने पुलिस टीम पर गोली चला दी। एएसआई नरेंद्र व समय सिंह ने भी अपने बचाव में गोली चलाई। एक गोली परवेज के सीधे पैर में नीचे लगी।
उसे लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक .32 बोर की पिस्टल, दो कारतूस, .32 बोर के दो कारतूस, 9एमएम के तीन कारतूस और बिना नंबर प्लेट की स्कूटी बरामद की है।
दुबई की लाइफ स्टाइल से प्रभावित हो गया था
अपराध शाखा पुलिस अधिकारियों के अनुसार मोहल्ला मक्कीपुर जिला मुजफ्फरनगर यूपी निवासी परवेज कक्षा छह तक पढ़ा है। पहले वह जेसीबी ऑपरेटर था। वर्ष 2013 में परवेज दुबई चला गया था। वहां पर वर्ष 2018 तक जेसीबी ऑपरेटर का काम लगा था। इसके बाद ये गांव वापस आ गया। वह दुबई में वहां की लाइफ स्टाइल से बहुत प्रभावित हो गया था।
दुबई वाली लाइफस्टाइल को जीने के लिए वह सहारनपुर, यूपी निवासी शाहिद के साथ अपराध की दुनिया में उतर गया। इसके बाद उसने ट्रांस यमुना के गैंगस्टर शाबिर चौधरी से हाथ मिला लिया था। परवेज के खिलाफ दिल्ली व यूपी में 14 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। आरोपी ने हरिद्वार एसओजी और मीरपुर पुलिस स्टेशन, मुजफ्फरनगर में पुलिस टीम पर गोली चला दी थी।