आतिथ्य क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने रेस्तरां, आवास और बोर्डिंग प्रतिष्ठानों के लाइसेंस लेने की प्रक्रिया को आसान कर दिया है। मंगलवार को उन्होंने संशोधित एकीकृत पोर्टल का शुभारंभ किया। एकल खिड़की की शुरुआत से आतिथ्य क्षेत्र के उद्यमियों, व्यवसायियों और स्टार्टअप के लिए लाइसेंस हासिल करने की सेवा फेसलेस (ऑनलाइन) कर दी गई है।
दिल्ली पुलिस, एमसीडी, एनडीएमसी, दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति से अब लाइसेंस लेने या इसका नवीनीकरण भी इस पोर्टल से कर सकेंगे। सभी एजेंसियों से 49 दिनों से लाइसेंस जारी करना होगा। इसमें देरी होने पर आवेदक के नाम लाइसेंस स्वत: जारी किया जाएगा। इस पहल से रात्रिकालीन अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे दिल्ली में भी देश विदेश की तर्ज पर अग्रणी सेवाएं मिल सकेंगी।
उपराज्यपाल ने कहा कि इस कदम से एक विनियमन में सुधार, सरलीकरण होगा। आतिथ्य क्षेत्र के लिए नियम और शर्तें कठिन होने की वजह से उद्यमियों को मुश्किलें पेश आ रही थीं। प्रधानमंत्री के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के सिद्धांत पर आगे बढ़ते हुए इस दिशा में पहल की गई है। सरल लाइसेंसिंग मानदंडों से आतिथ्य क्षेत्र को बढ़ावा मिलने के साथ ही रात्रिकालीन अर्थव्यवस्था भी बेहतर होगी।
मौजूदा लाइसेंस व्यवस्था की कमियों और उद्यमियों व नागरिकों की सहूलियत को देखते हुए प्रधान सचिव (गृह) के अधीन एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई थी। एलजी ने कहा कि समिति रिकॉर्ड समय में अपने कार्य को पूरा करने में सक्षम रही है। इसके परिणाम के तौर पर एकीकृत पोर्टल की शुरुआत की गई है।
देर रात तक छतों पर बने रेस्तरां में भी परोसा जाएगा खाना
दिल्ली के भोजनालयों और रेस्तरां, डीडीए की ओर से संचालित क्लबों द्वारा संचालन के समय को बढ़ाने जैसे उत्साहजनक प्रयोग किए गए हैं। इसी तरह अल्फ्रेस्को और छतों पर खुले में खाने की अनुमति मिलने से अब एनसीआर के शहरों में जाने वाले भी देर रात तक दिल्ली में इन प्रतिष्ठानों में सेवाएं मुहैया की जाएंगी। संशोधित पोर्टल में लाइसेंस देने और नवीनीकरण की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और फेसलेस कर बनाया गया है। अब पोर्टल पर बहुत छोटा, सरल और सामान्य आवेदन पत्र (सीएएफ) जमा करके अपने लाइसेंस या इसका नवीनीकरण करने में सक्षम होंगे। यह सीएएफ सभी 05 लाइसेंसिंग निकायों के लिए लागू होगा। इसमें दिल्ली पुलिस, एमसीडी, एनडीएमसी, डीपीसीसी और दिल्ली फायर सर्विस शामिल हैं।
फॉर्म के लिए कम दस्तावेज की होगी जरूरत
नए सीएएफ के लिए 24 दस्तावेज को ही अपलोड करना होगा। पहले 52 दस्तावेज को फॉर्म के साथ अपलोड करना होता था, जिसे अब सरल बना दिया गया है। अब पांच निकायों के लिए एक ही अंडरटेकिंग जमा करने की जरूरत होगी। लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए दस्तावेज की संख्या कम करने से भी लाइसेंस हासिल करना और आसान हो जाएगा। सभी एजेंसियों के लिए लाइसेंस या अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी)की वैधता बढ़ाकर 3 वर्ष कर दी गई है। पहले विभिन्न एजेंसियों के लिए वैधता एक से पांच वर्ष थी। इसके लिए एक आवेदक को नवीनीकरण के लिए इधर-उधर भागना पड़ता था।