पहाड़ों पर बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में दिखना शुरू हो गया है। सामान्य से तीन कम 9.6 डिग्री सेल्सियस के साथ शुक्रवार यानी 18 नवंबर का दिन बीते 8 साल में सबसे सर्द रहा। साथ ही यह इस सीजन का सबसे कम न्यूनतम पारा है। इससे पहले 2014 में न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे में भी न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहेगा।
राजधानी दिल्ली में सुबह सड़कों पर हल्की धुंध छाई रही और लोगों ने ठिठुरन महसूस की। धूप की तपिश हल्की रही। अधिकतम तापमान सामान्य से दो कम 25.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी का स्तर 36 से 93 फीसदी रहा। सूरज ढलने के बाद शाम को सर्दी का बढ़ा हुआ अहसास महसूस किया गया।
सुबह छाई रहेगी धुंध : मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे में सुबह धुंध छाई रहेगी। दिन में धूप निकलेगी, लेकिन तपिश कम रहेगी। अधिकतम तापमान 26 व न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, 19 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ की वजह से पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर बन रहा है। ऐसे में अगले सप्ताह से पहाड़ों से आने वाली सर्द हवाओं की वजह से रात के पारे में तेजी से कमी होगी व ठंडक का अहसास बढ़ेगा।
मुंगेशपुर रहा सबसे ठंडा इलाका : मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली के बाहरी इलाकों में पारा अधिक लुढ़का है। मुंगेशपुर 9.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडा इलाका दर्ज हुआ है। इसके बाद रिज में न्यूनतम पारा 9.4 डिग्री रहा।