पत्रकारिता के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य के जरिए अब तक कई राष्ट्रीय खिताब जीतने वाले अमर उजाला के वरिष्ठ संवाददाता परीक्षित निर्भय को अंतरराष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया है।
वाशिंगटन डीसी स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर जर्नलिस्ट (आईसीजेएफ) ने धार्मिक स्वंतत्रता और कोरोना महामारी पर रिपोर्टिंग को लेकर दुनिया भर से करीब 100 से भी अधिक पत्रकारों का चयन किया है। इनमें भारत से क्षेत्रीय भाषा को लेकर एकमात्र सम्मान अमर उजाला ने हासिल किया है।
आगामी दिसंबर माह में श्रीलंका में होने वाले कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा आठ सप्ताह तक धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर कार्यशाला भी होगी। इसमें भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका सहित कई देशों के पत्रकार मौजूद रहेंगे। भारत में धार्मिक स्वंतत्रता को लेकर प्रभावी पत्रकारिता करने के लिंए निशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
साथ ही कोरोना महामारी के दौरान भारत में पूजा अर्चना पर कैसे प्रभाव पड़ा और इसके दूरगामी परिणाम क्या होंगे? इस विषय पर परीक्षित निर्भय अपने अनुभव विश्व स्तरीय कांफ्रेंस में साझा भी करेंगे।
इंडियाना विश्वविद्यालय में पत्रकारिता की प्रोफेसर शैरी रिचीआर्डी का कहना है कि गंभीर पत्रकार हमेशा अपने पेशेवर गुणों के विकास के लिए प्रयासरत रहते हैं। ऐसे पत्रकार सदैव कुछ न कुछ नया सीखना जारी रखते हैं और श्रेष्ठता की ओर अग्रसर रहते हैं।
इस उपलब्धि पर पाकिस्तान की चर्चित पत्रकार राबिया महमूद, श्रीलंका के हिमाल साउथेशियन के वरिष्ठ संपादक रइसा विक्रमाटुंगे, टैबीता रिचमंड और एमिली शुल्ट ने भी इनकी खबरों की सराहना की है।