एम्स में उपचार करवाने आ रहे मरीज यदि घर बैठे खाली बिस्तरों की जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो उन्हें नए साल तक इंतजार करना पड़ सकता है। एम्स में हुए साइबर अटैक के बाद ऑनलाइन सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। साथ ही, एक जनवरी तक शुरू होने वाली नई सेवाएं भी लंबे समय के लिए लटक गई हैं।
शुक्रवार को 17 दिन बाद भी एम्स की ऑनलाइन सेवाओं को पूरी तरह से बहाल नहीं किया जा सका। सर्वर को सेंट्रल सर्विस से जोड़ने की स्थिति जस की तस बनी हुई है। ऐसे में पेशेंट केयर डैशबोर्ड सर्विस को ऑनलाइन सेवा शुरू होने के बाद ही चालू किया जा सकेगा। एम्स के वरिष्ठ डॉक्टरों का कहना है कि पहले ऑनलाइन सेवाओं को शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। इसे बहाल होने में एक-दो सप्ताह का समय लग सकता है। बता दें कि एम्स के वार्ड, इमरजेंसी व अन्य जगहों पर भर्ती मरीजों की जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए 25 दिसंबर से पेशेंट केयर डैशबोर्ड शुरू करने का फैसला लिया था। एम्स निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास के आदेश के तहत एम्स वेबसाइट पर इस उपलब्ध करवाना था।
यह होगी सुविधा
डैशबोर्ड सेवा शुरू होने के बाद मरीज घर बैठे सभी सामान्य व निजी वार्डों में खाली व भरे बेड की जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके अलावा आपातकालीन विभाग में रोगी के प्रवेश व प्रतीक्षा की लाइव जानकारी, ओपीडी में फुटफॉल नए और फाॅलोअप ओपीडी मरीज, रेडियो डायग्नोस्टिक्स की स्थिति, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई, डीएसए आदि जांच पर वेंटिग व अन्य की जानकारी मिल पाएगी।
यह सेवाएं भी होगी प्रभावित
चेहरे की पहचान से आईसीयू
एम्स के आपातकालीन विभाग में रियल टाइम निगरानी की सेवा प्रभावित होगी। एम्स निदेशक ने आदेश जारी कर इमरजेंसी में रोगी देखभाल उपकरण जिसमें मॉनिटर, वेंटिलेटर, इन्फ्यूजन पंप और कुछ आईसीयू केंद्रीय चार्टिंग से जुड़े हुए नहीं है, उनकी रियल टाइम निगरानी करने की व्यवस्था लागू की थी। साथ ही, कहा था कि एक जनवरी से सभी आईसीयू में एकल प्रवेश और निकास होगा जो चेहरे की पहचान-आधारित प्रणालियों द्वारा नियंत्रित किया जाएगा, लेकिन सर्वर ठप होने से इन सुविधाओं को शुरू करने में भी और समय लगने का अनुमान है।
ई-कैजुअल्टी की सुविधा में भी देरी संभव
एम्स में एक अप्रैल 2023 से ई-कैजुअल्टी और ईएलसीयू चार्टिंग सुविधा आपातकालीन विभाग के सभी रेड और येलो एरिया बेड व आईसीयू पर लागू किया जाना था। यह सेवाएं भी आगे तक टलने की आंशका है।
टेली-कॉल सेंटर में भी डिले
31 दिसंबर तक एक टेली-कॉल सेंटर सुविधा भी शुरू की जानी थी। इस सेवा का फायदा आईसीयू में भर्ती मरीज के तीमारदारों को होगा। इसमें भी देरी की आंशका है।