दिल्ली मेट्रो फेज-4 के तुगलकाबाद-एयरोसिटी कॉरिडोर का विस्तार टर्मिनल-1 तक किया जाएगा। इससे दक्षिणी दिल्ली सहित फरीदाबाद-दिल्ली के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट
तक पहुंचना आसन होगा। डीएमआरसी प्रबंध निदेशक डॉ. मंगू सिंह का कहना है कि केंद्र व दिल्ली सरकार से इजाजत मिलने के बाद इस पर काम शुरू कर दिया है।
दिल्ली मेट्रो ने फेज-4 में तुगलकाबाद को एयरोसिटी से जोड़ने के लिए 28.3 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनाने की योजना पहले तैयार की थी। इस रूट पर 16 स्टेशन बनने हैं। मेट्रो ने इस लाइन के निर्माण का काम भी शुरू कर दिया है। अब डीएमआरसी इस कॉरिडोर का विस्तार करने जा रही है। इसके तहत इसे टर्मिनल-एक से जोड़ दिया जाएगा। इससे टर्मिनल-एक मेजेंटा और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के बाद मेट्रो की तीसरी लाइन से जुड़ जाएगा। इसके बाद दक्षिणी दिल्ली समेत फरीदाबाद तक की एयरपोर्ट से मेट्रो के जरिए सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी।
डॉ. मंगू सिंह के मुताबिक, तुगलकाबाद-एयरोसिटी को टी-1 तक बढ़ाने की योजना तैयार की है। इससे मेट्रो रूट को विस्तार मिल जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार से मंजूरी मिलते ही इस पर भी काम शुरू कर दिया जाएगा। इससे ज्यादा लोग एयरपोर्ट पहुंचने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल कर सकेंगे।
कुतुब मीनार के एक किलोमीटर के दायरे में मेट्रो का निर्माण नहीं
प्रबंध निदेशक डॉ. सिंह ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण(एएसआई)की ओर से दक्षिणी दक्षिणी दिल्ली में मेट्रो कॉरिडोर के अलाइनमेंट में बदलाव के लिए कहा गया। डीएमआरसी ने इसमें बदलाव कर दिया है। अब कुतुब मीनार के एक किलोमीटर से भी अधिक दूरी पर ही कोई निर्माण किया जाएगा। इसके लिए जरूरी बदलाव कर लिए गए हैं। वसंत कुंज का स्टेशन भी करीब डेढ़ किलोमीटर दूर होगा।
फेज-चार की तीन रूट पर चल रहा काम, तीन पर फैसला जल्द
डीएमआरसी इस वक्त फेज-4 के तीन कॉरिडोर पर काम कर रहा है। करीब 61.67 किलोमीटर लंबी लाइन निर्माणाधीन है। तुगलकाबाद-एयरोसिटी के अलावा इनमें आरके आश्रम-जनपकुरी पश्चिम और मौजपुर-मजलिस पार्क कॉरिडोर शामिल हैं। जबकि लाजपत नगर-साकेत, इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ और रिठाला-बवाना-नरेला पर सरकार की मंजूरी मिलनी है। डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक ने बताया कि इसके लिए सभी तैयारियां हो चुकी हैं। कैबिनेट में तीनों कॉरिडोर के प्रस्ताव को पेश करने की सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल्द ही इस पर निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।