कनॉट प्लेस में लगाए जा रहे स्मॉग टावर का मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज उद्घाटन करेंगे। प्रदूषित हवा को शुद्ध करने के लिए पायलट आधार पर यह स्मॉग टावर लगाया जा रहा है। यह प्रति सेकेंड एक हजार घन मीटर हवा को साफ कर प्रदूषण के लिए जिम्मेदार तत्व पीएम 10 और पीएम 2.5 की मात्रा को कम करेगा। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बृहस्पतिवार को निर्माण स्थल का निरीक्षण किया था।
गोपाल राय ने कहा कि विशेषज्ञ प्रदूषण को कम करने में स्मॉग टावर के प्रभाव की समीक्षा करेंगे। यदि इसका परिणाम अनुकूल आता है तो दिल्ली के अन्य जगहों पर भी इसी तरह के टावर लगेंगे। उन्होंने कहा कि पूरे देश के अंदर राजधानी में यह पहला स्मॉग टावर लगाया जा रहा है।
एक सवाल का जवाब देते हुए पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण के खिलाफ पूरी ताकत के साथ काम कर रही है। धूल प्रदूषण, वाहन प्रदूषण और पराली की समस्या व इसके समाधान के लिए सरकार हर स्तर पर काम कर रही है। इस स्मॉग टावर की लागत करीब 20 करोड़ रुपये है। दिल्ली में आगे और कितने स्मॉग टावर लगाए जाएंगे, इसका परीक्षण करने के बाद सरकार निर्णय लेगी।
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि बारिश के मौसम के बाद यह स्मॉग टावर अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करना शुरू कर देगा। इसके बाद डीपीसीसी के वैज्ञानिक इसकी समीक्षा करेंगे और सरकार को मासिक रिपोर्ट देना शुरु कर देंगे। प्रदूषण की करीब से निगरानी करने को लेकर सरकार द्वारा आईआईटी कानपुर से भी समझौता किया जाएगा। इस संबंध में दिल्ली कैबिनेट ने निर्णय लिया है, जिससे कि प्रदूषण को और तेजी से नियंत्रित किया जा सके।
गौरतलब है कि इसके अलावा आनंद विहार इलाके में 25 मीटर ऊंचा स्मॉग टावर केंद्र सरकार द्वारा स्थापित किया जा रहा है। जो अपने एक किलोमीटर के दायरे में हवा को शुद्ध करने में मदद करेगा। आनंद विहार में बन रहे स्मॉग टावर की नोडल एजेंसी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(सीपीसीबी) व कनॉट प्लेस के खड़क सिंह मार्ग स्थित टॉवर की नोडल एजेंसी दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) है। दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में स्मॉग टावर लगाने का निर्देश दिया था।