ठंड की दस्तक होते ही राजधानी की वायु गुणवत्ता खराब होने लगती है। बारिश के दौरान जो स्वच्छ हवा मखमली अहसास कराती है वही, सर्दी में दम घोंटने को तैयार रहती है। धूल, धुआं और हवा का ऐसा जहरीला ‘कॉकटेल’ बनता है कि लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो जाते हैं। खासकर, अस्थमा रोगी।
विशेषज्ञों ने शीतकालीन कार्य योजना को सराहा
हर वर्ष दिल्ली में पराली, वाहनों के धुएं और अन्य कारणों की वजह से प्रदूषण का स्तर बढ़ता है। ऐसे में सिर्फ सीजनल नहीं बल्कि लंबे समय के लिए समस्या का हल करना चाहिए। दिल्ली के लिए शीतकालीन कार्य योजना बेहतर है।
- आशीष चंचल, कैंपेनर, ग्रीनपीस इंडिया के क्लाईमेट
दिल्ली के लिए शीतकालीन कार्य योजना बेहतर है, लेकिन यह योजना क्षेत्रीय स्तर पर भी लागू होनी चाहिए।
- वी विनोज, प्रोफेसर, आईआईटी भुवनेश्वर
अन्य विकल्प भी चाहिए : गांगुली
काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवार्योमेंट एंड वॉटर के कार्यक्रम का नेतृत्व कर रही तनुश्री गांगुली ने कहा कि दिल्ली में गरीब तबके के पास जैव ईंधन के अलावा अन्य विकल्प होना चाहिए। इससे भी प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।