रहीस का बयान लेकर आईपी एस्टेट थाना पुलिस ने हत्या के समय समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि रहीस का महफूज से एक प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा है। रहीस की पत्नी ने महफूज के खिलाफ छेड़छाड़ समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया हुआ है। लेकिन महफूज ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक का ऑर्डर लिया हुआ है। यह तथ्य पता करने के बाद पुलिस ने घटना स्थल की सीसीटीवी और सीडीआर की जांच की। छानबीन के दौरान फहीम और महफूज की लोकशन कहीं और की मिली। सीसीटीवी से मिले संदिग्धों का हुलिया भी फहीम और महफूज से नहीं मेल खा रहा था।
सीडीआर में खुला राज
पुलिस को रहीस पर ही शक हुआ। उसके सीडीआर की जांच की गई तो लगातार उसकी एक नंबर पर बात हो रही थी। जांच के दौरान नंबर कमरुद्दीन उर्फ सोनी नामक शख्स का मिला। इसके अलावा वारदात वाले दिन उसकी लोकेशन भी वहीं की मिली। दोनों से पूछताछ के बाद इस वारदात से पर्दा उठ गया। रहीस किसी भी सूरत में महफूज को जेल भेजना चाहता था। इसीलिए उसने महफूज को झूठे हत्या के प्रयास के केस में फंसाने की साजिश रची।
आरोपियों ने बताया कि गोली चलाने के लिए कमरुद्दीन व उसके दोस्त स्वयंभू स्वामी ने दो लाख की सुपारी ली। रहीस ने अपने कर्मचारी भूरे को साजिश में शामिल कर जांघ में गोली लगने के लिए तैयार किया। कमरुद्दीन और स्वयंभू ने वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए। पुलिस ने स्वयंभू, कमरुद्दीन और रहीस को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि बाद में भूरे को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
स्वयंभू स्वामी नेशनल लेवल का बॉक्सर
स्वयंभू स्वामी अविवाहित है। वह खुद विक्रम नगर, फिरोजशाह कोटला इलाके में रहता है। इसका परिवार वैशाली, गाजियाबाद में रहता है। इसके पिता जय प्रकाश स्वामी एमबीबीएस डॉक्टर हैं। मां भी गजेटेड ऑफिसर के पद से रिटायर हैं। खुद स्वयंभू स्वामी डीपीएस मथुरा रोड स्कूल से पढ़ा हुआ है। उसने दिल्ली विश्वविद्यालय से बॉटनी ऑनर्स किया था।
स्वयंभू नेशनल लेवल का बॉक्सर है। उसने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर कई मेडल भी जीते हैं। लेकिन गलत संगत पर पड़कर अपराध करने लगा। उसके खिलाफ पहले से दो मामले दर्ज हैं। अभी भी वह लगातार जिम और क्लब जाकर कसरत करता है। सुबह उठकर सबसे पहले मंदिर और गौशाला जाना उसका रूटीन है। बाद में वह रोजाना साइकिल से अपने माता-पिता को गाय का दूध देकर आता है।