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Delhi Mundka Fire : पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए तीनों आरोपी

Thu, 19 May 2022 06:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

रिमांड पर लेने के दौरान पुलिस ने हरीश गोयल और वरुण गोयल का डीएनए सैंपल लिया, हादसे के बाद से इनके पिता अमरनाथ गोयल भी हैं गायब। आरोपियों से पूछताछ के बाद पता चला कि हादसे वाले दिन कंपनी में मौजूद थे कुल 145 लोग। कम सेलरी की वजह से ज्यादातर महिलाओं को रखा जाता था काम पर। 
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मुंडका में आग का तांडव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुंडका अग्निकांड में पुलिस रिमांड पर चल रहे तीनों आरोपियों को पुलिस ने बुधवार अदालत में पेश किया। कोर्ट से तीनों आरोपी मनीष लाकड़ा, हरीश गोयल और वरुण को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पूछताछ के दौरान तीनों ही आरोपियों ने अहम जानकारियां दी है। वहीं दूसरी ओर हरीश और वरुण का डीएनए लेने के बाद एफएसएल की टीम ने भी अपना काम शुरू कर दिया है। एफएसएल के अधिकारियों का कहना है कि 10 से 15 दिनों के भीतर डीएनए की रिपोर्ट आने के बाद मृतकों की पहचान की जा सकेगी।

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फिलहाल अभी 27 मृतकों से आठ की ही पहचान हो सकी है। बाकी 19 लोगों की पहचान की जानी है। एफएसएल ने इसके लिए स्पेशल टीमों का गठन कर दिया है। हरीश और वरुण से हुई पूछताछ के बाद दोनों ने खुलासा किया है कि घटना वाले दिन कंपनी 145 लोग मौजूद थे। आग लगने के ज्यादातर लोगों को खिड़कियों के रास्ते स्थानीय लोगों ने बचा लिया था। बाकी अंदर की आग की चपेट में आ गए।

छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि मनीष लाकड़ा ने न तो कोई कमर्शियल लाइसेंस लिया हुआ था और न ही उसके पास फायर की कोई एनओसी थी। इसकी वजह से वह ऐसा जाहिर करता था कि इमारत में कोई गतिविधि नहीं हो रही। आरोपी अपने गार्ड के जरिये बाहर से दरवाजा बंद रखवाता था। दूसरी ओर उसने खुद के जाने के लिए पीछे की ओर एक अलग सीढ़ियां बनाई हुई थीं।
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वहीं पुलिस की पूछताछ में हरीश और वरुण ने खुलासा किया है कि यह लोग कम सैलरी देने की वजह से महिलाओं को ही अपनी कंपनी में काम पर रखते थे। यहां नौकरी पर रखने का काम पांडेय जी नामक शख्स करता था। मुंडका थालर पुलिस इसकी भी तलाश कर रही है। काम पर कोई प्रभाव न पड़े आरोपी कर्मचारियों के मोबाइल भी अपने कब्जे में लेकर जमा करवा लिया करते थे। केवल दोपहर में लंच के समय उनको अपने परिजनों से बात करने के लिए मोबाइल दिए जाते थे।

एफएसएल की टीम से जुड़े एक सदस्य ने खुलासा किया है, उनकी टीम ने घटना स्थल से कुल 60 जले हुए सैंपल को उठाया था। ज्यादातर अवशेष बिल्कुल कोयले की हालत में है। यहां तक उनको देखकर यह भी पता नहीं लग रहा था कि यह मानव के अवशेष है या कोई और वस्तु है। डीएनए परीक्षण शुरू होने के बाद इसका खुलासा हो पाएगा।

डीएनए की प्रक्रिया को 10 से 15 दिनों के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। बता दें कि बीते शुक्रवार को मुंडका इलाके की इमारत में आग लग गई थी। इसमें झुलसकर 27 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में इमारत के मालिक मनीष लाकड़ा और किराए पर बिल्डिंग लेकर कंपनी चलाने वाले भाई हरीश और वरुण गोयल को गिरफ्तार किया था। मामले की जांच लगातार जारी है।

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पुलिस ने करीब 10 सिविक एजेंसियों को पत्र लिखकर मांगे बिल्डिंग से जुड़े कागजात...

मुंडका अग्निकांड मामले में पुलिस सिविक एजेंसियों को भी घेरने की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि बिल्डिंग और कंपनी के मालिक के अलावा कहीं न कहीं सिविक एजेंसियां भी हादसे के लिए जिम्मेदार है। इसी कड़ी में जांच करते हुए दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग 10 सिविक एजेंजियों को पत्र लिखकर उनसे बिल्डिंग से जुड़े कागजात मांगे हैं। सूत्रों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर पुलिस अधिकारी सिविक एजेंसियों के अधिकारियों को बुलाकर उनसे पूछताछ भी करेगी। इन एजेंसियों में नगर निगम, डीएसआईआईडीसी, बीएसईएस, समेत बाकी एजेंसियां शामिल हैं।

पुलिस उपायुक्त समीर शर्मा ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपियों से करीब 15 अलग-अलग डोकोमेंट कलेक्ट किए गए हैं। इनमें बिल्डिंग से जुड़े कागजात के अलावा, रेंट एग्रीमेंट, कंपनी और उसके अनुबंध से जुड़े कागजामों समेत बाकी पेपर इकट्ठा किए गए हैं। पुलिस की टीम इन कागजातों का मुआएना कर रही है। वहीं बिल्डिंग का निरीक्षण करने दौरान पुलिस को पता लगा है कि वहां आग लगने का पूरा सामान मौजूद था। पहली मंजिल पर बिजली से जनरेटर को स्विच को बदलने के लिए चेंजओवर लगा था। उसके ठीक नीचे लकड़ी की शीट रखी थीं। मना जा रहा है कि आग यहीं पर स्पार्किंग होने के बाद लगी।

दूसरी ओर छानबीन में पता लगा है कि तीनों ही फ्लोर पर जगह बहुत कम थी। वहां जरूरत से ज्यादा लोगों से काम करवाया जा रहा था। अंदर सीसीटीवी और राउटर असेंबलिंग करने के अलावा वहां जगह-जगह वर्क स्टेशन बने थे। इसके अलावा अंदर तीनों मंजिल पर आने-जाने के लिए स्टील के जीने भी बनाए हुए थे। इन सब कारणों की वजह से हादसा इतना बढ़ा हो गया। पुलिस ने पूछताछ के दौरान आरोपी हरीश, वरुण और मनीष से इन सब तथ्यों को क्रॉसचेक किया।
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