इस प्रकरण से पहले स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मामले में भी उप-राज्यपाल से दिल्ली सरकार की अनबन हुई थी। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की बजाय खुद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उप-राज्यपाल अनिल बैजल को चिट्ठी लिखकर सरकारी अस्पतालों में स्टाफ की कमी को पूरा करने की अपील की थी। इस चिट्ठी में मुख्यमंत्री आरोप लगाया था कि उप-राज्यपाल के कहने पर कई अधिकारी स्वास्थ्य मामलों से जुड़ी फाइल छुपा रहे हैं और मंत्री को भी फाइल देने से इंकार कर रहे हैं। इस कारण अब खुद उप-राज्यपाल ही अस्पतालों में खाली पड़े पदों को जल्द से जल्द भरें।
दिल्ली सरकार एवं उप-राज्यपाल के बीच कानून विभाग से जुड़े एक मामले में भी टकराव की स्थिति सामने आई थी। उस समय उप-राज्यपाल अनिल बैजल को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने चिट्ठी लिखकर फाइल और फैसले छुपाने का आरोप लगाया था। उन्होंने लिखा था कि दिल्ली सरकार के लिए स्टैंडिंग काउंसिल और एडिशनल स्टैंडिंग काउंसिल की नियुक्तियों के लिए उनकी राय नहीं ली गई। उप-राज्यपाल के आदेश के कारण अधिकारी फाइल नहीं दिखा रहे।