गहलोत ने अपने लंबित दीवानी मानहानि मामले में अंतरिम आवेदन किया था, जिसमें उन्होंने लो-फ्लोर बसों की खरीद में गड़बड़ी का आरोप लगाने के लिए विजेंद्र गुप्ता से पांच करोड़ रुपये का हर्जाना भी मांगा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर गहलोत के खिलाफ विजेंद्र गुप्ता द्वारा शेयर किए गए अपमानजनक बयानों और पोस्ट को हटाने का निर्देश देने की मांग की थी।
विजेंद्र गुप्ता के वकील ने दिया था मौखिक आश्वासन
गहलोत के खिलाफ विजेंद्र गुप्ता द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए कथित रूप से अपमानजनक बयानों और पोस्ट्स को हटाने पर सिंगल जज द्वारा अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद 28 अगस्त 2021 को खंड पीठ ने इस मामले में दखल देने से इंकार कर दिया था। भाजपा नेता के वकील ने पीठ को मौखिक आश्वासन दिया था कि डीटीसी बसों के मुद्दे के संबंध में कोई ट्वीट या बयान नहीं दिया जाएगा।