इस बार दिल्ली में आग ने तोड़ा रिकॉर्ड
दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में पारा चढ़ते ही आग लगने की घटनाएं अपने आप बढ़ जाती हैं। इसकी वजह से मौत का आंकड़ा भी बढ़ता है। वर्ष 2022-23 में सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए दमकल विभाग को पिछले पांच सालों में सबसे अधिक 31958 कॉल मिलीं। मौत का आंकड़ा भी 1029 तक पहुंच गया। औसतन हर दिन दो से ज्यादा की मौत हुई।
हर दिन आग की वजह से चार लोगों की हो रही मौत
पिछले सालों से तुलना करने पर यह आंकड़ा बहुत ज्यादा था। वहीं इसी साल एक अप्रैल 2023 से 12 जून के बीच मौतों का आंकड़ा 285 पर पहुंच गया है। यानी हर दिन औसतन चार लोगों की मौत हुई और लगभग 389 लोग जख्मी हो गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दमकल विभाग के बाद आग लगने के अलावा दूसरे हादसों में रेस्क्यू की कॉल भी आती हैं।
सबसे ज्यादा दिल्ली में आग लगने की कॉल्स
कुल कॉल्स में आधी से ज्यादा कॉल आग लगने की होती हैं जबकि बाकी पानी में डूबने, मकान या इमारत गिरने, सड़क हादसों में घायलों की मदद के अलावा पशु और पक्षियों के बचाव की कॉल्स होती हैं। इस साल एक अप्रैल से 12 जून के दौरान दमकल विभाग को कुल 6665 कॉल मिली हैं, इनमें 3797 आग लगने की कॉल्स थीं। दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कुछ सावधानियां बरतकर आग की घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। ज्यादातर मामलों में शार्ट सर्किट आग लगने की बड़ी वजह होता है। समय-समय पर अपने घर, दुकान या फैक्टरी की वायरिंग की जांच करवाते रहें। गर्मियों में बगैर सर्विस के एसी को कभी न चलाएं।