क्या होते हैं अस्थायी बांध
उन्होंने बताया कि अस्थायी बांध नालों पर बना छोटा अवरोध होता है और यह जल स्तर को ऊपर की तरफ थोड़ा और उठाने में मदद करता है। बांध पानी को अपने पीछे जमा होने देते हैं। बहते पानी के अवरोध को बढ़ाने के लिए नाले के बीच-प्रवाह में बांध बनाए जाते हैं। इससे भारी प्रदूषक वहीं नीचे रुक जाते हैं और पानी धीरे-धीरे निकाल जाता है।
वर्तमान में दिल्ली जल बोर्ड अपने इंटरसेप्टर सीवर प्रोजेक्ट के माध्यम से नजफगढ़ नाले के साथ-साथ सप्लीमेंट्री ड्रेन के अपशिष्ट जल का उपचार कर रहा है। इसके अलावा सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने भी कई कदम उठाए हैं, जिनमे मुख्य रूप से नालियों की गाद निकालना, अपशिष्ट अवरोधों की स्थापना, तैरते ठोस पदार्थों को निकालने के लिए फ्लोटिंग बूम का इस्तेमाल, ठोस अपशिष्ट और निर्माण कार्यों से निकले अपशिष्टों को नाले से हटाना, कचरा और अन्य खरपतवार हटाना, नाली की भूमि में डंपिंग को रोकने के लिए चारदीवारी की मरम्मत करना, पुलों पर तार की जाली का निर्माण, चेतावनी बोर्ड की स्थापना और इनलेट्स जाली को नाली के मुंह पर लगाना शामिल है। इस परियोजना के तहत सप्लीमेंट्री ड्रेन पर 11 व नजफगढ़ ड्रेन पर तीन बांध का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि 10 बांध का निर्माण कार्य प्रगति पर है।