आईआईटी दिल्ली की मदद से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को यात्रियों की सहूलियत के हिसाब से तैयार किया जाएगा। कोशिश इसे विश्वस्तरीय यात्री सुविधाओं से लैस करने की है। इसके लिए दिल्ली एयरपोर्ट संचालित करने वाली कंपनी डायल ने आईआईटी, दिल्ली से एक समझौता भी किया है। इसके तहत आईआईटी सुधार के संभावना वाले क्षेत्रों की पहचान करेगा। इसके हिसाब से इसमें बदलाव किया जाएगा।
दोनों के बीच समझौता पांच साल के लिए किया गया है। आईआईटी दिल्ली की एक टीम फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (एफआईटीटी) के माध्यम से एयरपोर्ट परिसर में किए जाने वाले सुधार का पहचान करेगा। भविष्य में एयरपोर्ट कैसा रहेगा और किस तरह की सुविधा यात्रियों के लिए आवश्यक होगी, इसका विश्लेषण किया जाएगा।
दैनिक गतिशील की आवश्यकताओं को ध्यान में रख संसाधन को बढ़ावा दिया जाएगा। डायल के सीईओ विदेह कुमार जयपुरियार के मुताबिक, यात्रियों को विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा और अनुभव प्रदान किया जाएगा। प्राथमिकता के आधार पर सुविधाओं को अपग्रेड किया जाएगा।
एयरपोर्ट पर संपर्क रहित लिफ्ट, संपर्क रहित सूचना डेस्क, संपर्क रहित बोर्डिंग सुविधाएं, डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने, यात्री सामान के यूवी स्वच्छता जैसे कई यात्री-अनुकूल उपायों को पहले ही लागू किया गया है। इसके अतिरिक्त ग्राहकों की मांग को बेहतर ढंग से समझने में समझौता मददगार साबित होगा। अगले पांच साल की जरुरतों को ध्यान में रख यह समझौता किया गया है।