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दिल्ली: हाईकोर्ट की टिप्पणी- अदालत की विशेष शक्तियां सम्पन्न आरोपियों के लिए कानून को तोड़-मरोड़ कर पेश करने के लिए नहीं

Sun, 15 May 2022 01:54 PM IST
अनुराग सक्सेना पीटीआई, नई दिल्ली

सार

कोर्ट ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आरोप लगाया है कि रेलीगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (आरएफएल) में फंड के गबन के आरोप में अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किए गए मालविंदर सिंह ने 2,397 करोड़ का गबन किया है।
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दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई-फाइल फोटो
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विस्तार
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दिल्ली हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए टिप्पणी की है कि कोर्ट की विशेष शक्तियां सम्पन्न आरोपियों के लिए कानून को तोड़-मरोड़ कर पेश करने के लिए नहीं हैं। इसके बाद कोर्ट ने जेल प्रशासन को फोर्टिस के पूर्व प्रमोटर मालविंदर मोहन सिंह और उनके अधिवक्ता को फिजिकल मीटिंग करने की सुविधा देने का निर्देश देने से इनकार कर दिया।

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कोर्ट ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आरोप लगाया है कि रेलीगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (आरएफएल) में फंड के गबन के आरोप में अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किए गए मालविंदर सिंह ने 2,397 करोड़ का गबन किया है।

जस्टिस चंद्रधारी सिंह ने छह मई को दिए अपने आदेश में कहा, ''आर्थिक अपराध ना सिर्फ हमारे देश की अर्थव्यवस्था के लिए बल्कि बड़े स्तर पर हमारे समाज को भी प्रभावित करते हैं। वंचित और गरीब तबके के लोग बाद में ऐसे अपराधों से प्रभावित होते हैं। इस कोर्ट की विशेष शक्तियां सम्पन्न आरोपी के लिए नहीं हैं जो अपने फायदे के लिए कानून और प्रशासनिक ढांचे को तोड़ने-मरोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते।''
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कोर्ट ने मालविंदर सिंह ने तिहाड़ जेल नंबर आठ के अधीक्षक को मालविंदर सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट मीडिएशन सेंटर में उनके वकील से मिलने देने का निर्देश देने की याचिका खारिज कर दी।

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