फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली: सेना में खुद को मेजर बताने वाले दुष्कर्म के आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार, शादी का दिया था झांसा  

Tue, 19 Oct 2021 09:25 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

सरकारी वकील आशा तिवारी ने अग्रिम जमानत दिए जाने का विरोध करते हुए कहा युवती ने अदालत के समक्ष दिए बयानों में स्पष्ट है कि आरोपी ने उसने विवाह का वादा कर दुष्कर्म किया था।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक वैवाहिक वेबसाइट पर भारतीय सेना में खुद को एक मेजर बताने वाले आरोपी को दुष्कर्म के आरोप में अग्रिम जमानत से इनकार कर दिया। महिला ने उस पर शादी के वादे पर यौन संबंध बनाने का आरोप लगाया गया है।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी दीपक सेना में काम नहीं कर रहा था और उसने प्रथम दृष्टया पीड़िता के साथ यौन संबंध बनाने के लिए उससे झूठ बोल कर ठगा है। अदालत ने कहा तत्काल मामले की परिस्थितियों की समग्रता को ध्यान में रखते हुए कि आरोपी भारतीय सेना में मेजर के रूप में काम नहीं कर रहा था ऐसे में उसे अग्रिम जमानत देने का कोई आधार नहीं है। ऐसे में याचिका खारिज करती है।

विवाह का वादा कर किया था दुष्कर्म
आरोपी की ओर से पेश अधिवक्ता मोहम्मद मोहसिन राजौर ने कहा कि उनके मुवक्किल को दुष्कर्म, आपराधिक धमकी इत्यादि मामले में झूठा फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल व युवती के बीच संबंध पूर्णत सहमति से थे। सरकारी वकील आशा तिवारी ने अग्रिम जमानत दिए जाने का विरोध करते हुए कहा युवती ने अदालत के समक्ष दिए बयानों में स्पष्ट है कि आरोपी ने उसने विवाह का वादा कर दुष्कर्म किया था। उन्होंने कहा कि युवती ने अपने परिवार के सदस्यों के लिए नौकरी सुरक्षित करने का वादा करने वाले आरोपी को पैसे दिए थे और आरोपी ने ठगी की थी।
विज्ञापन


सहमति के बिना क्लिक की थी तस्वीर
अभियोजन पक्ष ने आगे अदालत को बताया कि आरोपी ने विवाह की साइट पर आरोपी ने स्वयं को सेना में मेजर के रूप में तैनात बताया। इसके अलावा जांच में पता चला कि वह पहले से ही शादीशुदा था। इसके अलावा अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि उस व्यक्ति ने युवती को बदनाम करने के लिए उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी थी। युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी ने इन तस्वीरों को उसकी सहमति के बिना क्लिक किया था।

सेना की फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर रहा
उन्होंने अदालत को बताया कि इस संबंध में भारतीय सेना को एक पत्र भेजा कर जानकारी दी गई है कि आरोपी सेना की फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर रहा है। आरोपी के वकील ने दलील दी कि उसका मुवक्किल पहले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ काम कर रहा था, वह नौकरी छोड़कर एक निजी कंपनी में काम कर रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें