दिल्ली एम्स में दशहरा पर हुए रामलीला मंचन का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज यानी मंगलवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एम्स के बाहर जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। दिल्ली पुलिस के आश्वासन के बाद कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन खत्म किया।
दशहरा पर्व पर दिल्ली एम्स में रामलीला का मंचन और उस दौरान छात्रों के जरिए की गई टिप्पणियों के बाद विवाद बढ़ता ही जा रहा है। मंगलवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एम्स के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने काफी देर तक नारेबाजी की। इस दौरान मौके पर पहुंचे दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने आश्वासन देते हुए प्रदर्शन खत्म कराया।
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हालांकि कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा है कि इस घटना के विरोध और छात्रों के लिए कार्रवाई की मांग को लेकर वे जल्द ही एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया को ज्ञापन सौपेंगे। दरअसल, एम्स छात्रावास के पास खाली मैदान पर एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों ने रामलीला का मंचन किया था। इस दौरान गाने बजाने के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ और देखते ही देखते यह मंचन पूरी तरह से अभद्रता में तब्दील हो गया था। इस पूरे कार्यक्रम की वीडियो कवर की गई और इसे यूट्यूब पर एम्स के ही छात्रों द्वारा पोस्ट किया गया।
सार्वजनिक तौर पर मांगी माफी
वीडियो कुछ ही देर बाद वायरल हो गई और लोगों ने छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करना शुरू कर दिया। इसके चलते आनन-फानन में बीते रविवार को एम्स के छात्रों ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी। एम्स स्टूडेंट एसोसिएशन ने भी सोशल मीडिया पर माफी मांगते हुए किसी भी धर्म या भावनाओं का अपमान नहीं करते हुए अपनी गलती को स्वीकार किया। इसके बाद बीते सोमवार को वहीं एम्स प्रबंधन ने भी चेतावनी जारी करते हुए भविष्य में इस तरह की गलती नहीं होने और सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।