याचिकाकर्ता वकील अमित साहनी ने कहा, ''न्याय तंत्र का सामर्थ्य और कॉमर्शियल मामले के निपटान में लगने वाला समय निवेश के विकास के साथ-साथ देश का संपूर्ण आर्थिक व सामाजिक विकास सुनिश्चित करने में बहुत महत्वपूर्ण कारक होते हैं।''
दिल्ली सरकार ने पिछले साल किया था अधिसूचित
उन्होंने आगे कहा, ''न्याय व्यवस्था में देरी समय-समय पर हाईकोर्टों व सुप्रीम कोर्ट का ध्यान खीचती रही है और इस संबंध में देश की विभिन्न कोर्टों में लंबित रिक्तियां भरने के लिए निर्देश जारी होते रहे हैं।''
याचिकाकर्ता के अनुसार, वर्तमान में दिल्ली में कुल 22 कॉमर्शियल कोर्ट संचालित हैं लेकिन दिल्ली सरकार द्वारा 22 मार्च 2021 को स्वीकृत और इसके बाद 13 अप्रैल 2021 को अधिसूचित 42 और कॉमर्शियल कोर्ट अभी संचालित होने शेष हैं।