दिल्ली सरकार के वकील ने रखा तर्क
उन्होंने कहा कि जब पिछले साल नवंबर में अदालत ने रेस्तरां में हर्बल हुक्का की बिक्री की अनुमति देने के लिए एक आदेश पारित किया था, तब कोविड -19 मामलों में कोई वृद्धि नहीं हुई थी। प्रतिबंध का आदेश दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग का था न कि डीडीएमए का।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील अनुभव सिंह ने कहा कि अदालत ने पिछले साल 16 नवंबर को कोविड नियमों के पालन के तहत हर्बल हुक्का की बिक्री और सेवा की अनुमति दी थी। ऐसे में सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप न करने का निर्देश दिया जाए। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि हर्बल हुक्का पर प्रतिबंध संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(द्द), और अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत अधिकारों का उल्लंघन है।