पीठ ने सुनवाई के दौरान ट्विटर से कहा कि आप संवेदनशील महसूस करते हैं तो आप ब्लॉक कर देंगे और आप अन्य जातियों या अन्य क्षेत्रों के लोगों के बारे में संवेदनशील महसूस नहीं करेंगे। न्यायमूर्ति सांघी ने कहा कि अगर दूसरे धर्मों के खिलाफ भी ऐसा ही किया जाता तो आप ज्यादा गंभीर होते। पीठ ने ट्विटर को निर्देश दिया कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर किसी खाते को स्थायी रूप से ब्लॉक करने के संबंध में अपनी नीति को स्पष्ट व्याख्या करते हुए जवाब दाखिल करे।
केंद्र सरकार को भी अपना पक्ष रखने का निर्देश
कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी अपना पक्ष रखने व और किसी खाते या जानकारी तक पहुंच को अवरुद्ध करने से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया को ट्विटर पर दर्ज करने का भी निर्देश दिया।
एक याचिका पर कर रहा था सुनवाई
पीठ ने यह निर्देश आदित्य सिंह जयसवाल की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है। याची ने कहा कि हिंदू देवी-देवताओं के बारे में ईशनिंदा और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने के बावजूद ट्विटर ने कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसे में उसे ऐसी सामाग्री तुंरत हटाने का निर्देश दिया जाए।