पूनम इससे पहले दिल्ली जिला अदालतों और हाईकोर्ट्स में 1983-1987 के बीच पांच सालों तक वकालत कर चुकी हैं व पंजाब नेशनल बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में लॉ ऑफिसर या डिप्टी चीफ ऑफिसर (लॉ) के तौर पर काम किया। स्वर्ण कांत शर्मा दिल्ली की रोहिणी कोर्ट की जज थीं। उन्होंने 1991 में विधि से स्नातक किया था और 24 साल की काफी कम आयु में मजिस्ट्रेट बन गई थीं। वे 35 वर्ष की आयु में सत्र न्यायाधीश बन गई थीं।
सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने एक फरवरी 2022 को हुई बैठक में दिल्ली हाईकोर्ट में छह नए जजों को शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।