केंद्र ने अपने हलफनामे में यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस आयुक्त के रूप में अस्थाना की नियुक्ति में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है और उनकी नियुक्ति सभी नियम-कायदों को ध्यान में रखकर की गई है।
हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना मामले की सुनवाई 23 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी है। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल की अध्यक्षता वाली पीठ के न बैठने के कारण सुनवाई 23 सितंबर तय की गई है।
विज्ञापन
हालही मे दिल्ली पुलिस आयुक्त एवं भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के गुजरात काडर के अधिकारी राकेश अस्थाना ने आरोप लगाया था कि जब से उन्हें सीबीआई का विशेष निदेशक नियुक्त किया गया है तब से कुछ संगठन उन्हें निशाना बना रहे है। उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और दिल्ली पुलिस आयुक्त के रूप में उनकी नियुक्ति को चुनौती कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है तथा इसके पीछे बदले की भावना है।
अस्थाना ने अपने जवाब में कहा था कि जब से उन्हें सीबीआई का विशेष निदेशक नियुक्त किया गया है, तब से कुछ संगठन उन्हें निशाना बनाकर उनके खिलाफ याचिका दायर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कॉमन कॉज और सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन नाम के दो संगठन हैं जो पेशेवर जनहित याचिकाकर्ता हैं और सार्वजनिक सेवा के एकमात्र तरीके के रूप में मुकदमे दायर करने के लिए आस्तित्व में हैं। वहीं केंद्र ने कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था से जुड़ी विविध चुनौतियों के मद्देनजर अस्थाना की नियुक्ति जनहित में की गई है। केंद्र ने अपने हलफनामे में यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस आयुक्त के रूप में अस्थाना की नियुक्ति में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है और उनकी नियुक्ति सभी नियम-कायदों को ध्यान में रखकर की गई है।
विज्ञापन
25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट से कहा था कि वह दिल्ली पुलिस कमिश्नर के तौर पर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की नियुक्ति के खिलाफ लंबित याचिका पर दो सप्ताह के भीतर फैसला करे।