न्यायाधीश प्रतिभा एम सिंह ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को चार दिसंबर 1998 से सेवानिवृत्ति की तारीख 31 अक्तूबर 2016 तक के वेतन, छुट्टियों और ग्रेच्युटी के रूप में 50,49,079 रुपये का भुगतान किया जाए। न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि 19,900 रुपये मासिक पेंशन के रूप में प्रति महीने भुगतान किया जाए। एम्स ने राशि का मूल्यांकन कर कोर्ट को सूचित किया था। हालांकि गणना का आधार अभी भी स्पष्ट नहीं हुआ है।
एम्स अधिकारियों की तरफ से अधिवक्ता सोनाली मल्होत्रा ने कोर्ट को बताया कि वादी को कर्मचारी स्वास्थ्य स्कीम का जीवनभर लाभ उठाने के लिए अभी 30,000 रुपये का भुगतान भी करना है। इस पर कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता वर्तमान याचिका पर लंबे समय से संघर्ष कर रहा है, इसे देखते हुए ये 30,000 रुपये भी उनकी तरफ से एम्स को ही जमा करने होंगे।
कोर्ट ने कहा कि पूरी राशि का भुगतान 30 अक्तूबर तक जारी हो जाए और इसकी पुष्टि करते हुए एक एफिडेबिट 15 नवंबर तक जमा किया जाए। कोर्ट ने वादी के वकील को निर्देश दिए कि वे वादी के बैंक खातों की जानकारी एम्स के वकील को दे दें।